ईरान में आर्मी डे के मौके पर सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सेना को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया है। उन्होंने हाल ही में हुए 40 दिन के युद्ध के दौरान सेना की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ईरान की सेना ने दुश्मनों के खिलाफ साहसिक रक्षा की और उन्हें करारा जवाब दिया। यह उनका सुप्रीम लीडर बनने के बाद पहला आर्मी डे संबोधन था, जिससे इस बयान को और ज्यादा अहम माना जा रहा है।
क्या 40 दिन के युद्ध का जिक्र किया गया?
उन्होंने हाल ही में खत्म हुए 40 दिन के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड ने मिलकर दुश्मनों को भारी नुकसान पहुंचाया। यह युद्ध 8 अप्रैल को युद्धविराम के साथ खत्म हुआ था। उन्होंने इसे एक बड़ी जीत बताते हुए कहा कि इसने ईरान की सैन्य ताकत को साबित किया है।
क्या शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई?
मोजतबा खामेनेई ने इस मौके पर युद्ध में जान गंवाने वाले कमांडरों और सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने कहा कि इन सैनिकों के बलिदान की वजह से ही देश सुरक्षित है। उन्होंने कई पुराने और हालिया सैन्य नेताओं का नाम लेकर उन्हें याद किया और उनके योगदान को देश के लिए अहम बताया।
क्या भविष्य की रणनीति का संकेत दिया गया?
सुप्रीम लीडर ने कहा कि अब कमजोरी का दौर खत्म हो चुका है और ईरान अपनी सैन्य ताकत को और आगे बढ़ाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही नई रणनीतियां लागू की जाएंगी, जिनमें ड्रोन और समुद्री ताकत को और बढ़ाना शामिल हो सकता है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान अब किसी भी खतरे का जवाब और ज्यादा ताकत के साथ देगा।