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'यह देख रहे हैं तो मैं मर चुका': ईरानी युवक ने ट्रंप को वीडियो भेजकर दी जान, ईरान से बात नहीं करने की गुहार

Tue, 10 Feb 2026 09:25 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

'अगर यह वीडियो देख रहे हैं तो मैं मर चुका हूं' ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और फिर हो रही हिंसक कार्रवाई के बीच एक ईरानी युवक ने ट्रंप को वीडियो संदेश भेजकर आत्महत्या कर ली। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में युवक ने पश्चिमी देशों और ट्रंप से ईरानी सरकार के साथ किसी भी समझौते से दूर रहने और ईरानी लोगों की मदद करने की गुहार लगाई है। 

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ट्रंप को वीडियो संदेश भेजकर यूवक ने दी जान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ईरान में सत्तारूढ़ शासन के खिलाफ जारी प्रदर्शन और हिंसा के बीच, बसहार का युवक पौरिया हामिदी ने दुनिया को अपनी हताशा दिखाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को वीडियो संदेश भेजकर आत्महत्या कर ली। रिकॉर्ड किए गए संदेश वीडियो में युवक ने अमेरिका और पश्चिमी देशों से आग्रह किया कि वे ईरान की सरकार के साथ किसी भी कूटनीतिक समझौते में न फंसें और ईरानी जनता की मौतों के साथ समझौता न करें। बता दें कि पौरिया का यह वीडियो लगभग 10 मिनट का था और अंग्रेजी में रिकॉर्ड किया गया था।

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यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। वीडियो में पौरिया ने सीधे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की कि वह ईरानी सरकार की तरफ से होने वाली हिंसा और प्रदर्शनकारियों की हत्या को रोकें। पौरिया ने कहा कि जनवरी में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों पर कड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें कई हजारों लोग, महिलाएं और बच्चे मारे गए। अमर उजाला किसी भी प्रकार से इस खबर की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर रहा है, लेकिन कई ईरानी मीडिया और ईरानी एक्टिविस्ट इसे रिपोर्ट कर रहे हैं।

वीडियो में युवक की हताशा, ट्रंप को संदेश
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार युवक ने वीडियो की शुरुआत में कहा कि अगर आप यह देख रहे हैं, तो मैं अब मर चुका हूं। मैं यह वीडियो इसलिए बना रहा हूं ताकि दुनिया को पता चले कि हमारे देश में क्या हो रहा है। यहां 40,000 से ज्यादा लोग मारे गए। रिकॉर्ड किए गए वीडियो में युवक ने अमेरिका और पश्चिमी नेताओं से सीधे कहा कि किसी भी समझौते के जरिए ईरान की सरकार को समर्थन देना उन लोगों के साथ धोखा होगा जो मारे गए।
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हामिदी ने कहा कि मैं आपसे विनती करता हूं कि इस समझौते को रोकने के लिए जो भी कर सकते हैं, करें। पौरिया ने कहा कि ईरानी लोग अकेले इस सरकार के खिलाफ लड़ नहीं सकते। उनका मानना था कि केवल अमेरिका की मदद ही आम ईरानियों को बचा सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरफ से ईरान पर हमला ही हमारी आखिरी उम्मीद है।

हम अकेले इस शासन ने नहीं लड़ सकते- युवक
हामिदी ने वीडियो में आगे कहा कि हम अकेले इस शासन से नहीं लड़ सकते। वीडियो में उन्होंने ईरान की धार्मिक सरकार की आलोचना की और निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी का समर्थन किया। पौरिया ने सभी ईरानी विरोधी समूहों से भी अपील की कि वे आपस में लड़ना बंद करें और साथ आएं। इसके साथ ही वीडियो में उन्होंने अपने हताशा भरे मन की भी बात की। हामिदी ने कहा कि हमारे लोग कितने हताश हैं, आप नहीं जान सकते। मैं खुद खाना नहीं खा सकता, नींद नहीं ले सकता। मैं तो रो भी नहीं सकता, क्योंकि इस जगह पैदा होना ही बेमानी है।



वीडियो में हताशा, गुहार फिर अंत का दावा 
पौरिया ने अपने जीवन का अर्थ देने के लिए यह संदेश रिकॉर्ड किया और अंत में फारसी में कहा कि हम ईरान के लोग अकेले हैं और किसी के पास नहीं हैं। इसलिए कृपया एक-दूसरे का साथ दें। हामिदी ने अंत में जिंदाबाद ईरान कहा। इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने अपने जीवन का अंत कर लिया। इस बात का दावा मीडिया रिपोर्टस में किया जा रहा है। 
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लोगों की गुहार, प्रदर्शन, मौतें और शासन
गौरतलब है कि ईरान में लगभग एक महीने से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन चल रहे हैं। पहले जहां लोग महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे, लेकिन अब वहीं विरोध सरकार के खिलाफ राजनीतिक मांगों तक पहुंच गया है। दूसरी ओर इस प्रदर्शन को लेकर अमेरिका की लगातार धमकियां भी ईरान के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में अब एक और नए घटनाक्रम  ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। ऐसे में यह घटना उस समय सामने आई है जब आयातुल्ला अली खामेनेई की सरकार ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को दबा दिया, जिसमें कई हजार लोग मारे गए। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार अब तक इस प्रदर्शन और सरकार की कार्रवाई में कम से कम 5000 लोग इस हिंसा में मारे गए।

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