ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के दो निगरानी कैमरे बंद कर दिए हैं। यह कैमरे उसके एक परमाणु स्थल पर नजर रखते थे। ईरान के सरकारी टीवी की ओर से यह दावा किया गया। हालांकि, परमाणु स्थल की पहचान उजागर नहीं की गई है। इसे तेहरान द्वारा दबाव बनाने के एक नए हथकंडे के तौर पर देखा जा रहा है। यह दावा ऐसे वक्त किया गया है, जब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की इस सप्ताह एक बैठक में पश्चिमी राष्ट्र ईरान की निंदा करने की तैयारी में थे।
ईरान के सरकारी टीवी की खबर में दो कैमरों को ओएलईएम संवर्धन स्तर और प्रवाहमापक की निगरानी करने वाले के तौर पर बताया गया है। ये अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के ऑनलाइन संवर्धन मॉनिटर्स को संदर्भित करता है, जो संवर्धन सुविधाओं पर पाइप द्वारा यूरेनियम गैस के संवर्धन की जांच करता है। ईरान वर्तमान में अपने फोर्डो और नतांज दोनों भूमिगत परमाणु स्थलों पर यूरेनियम संवर्धन कर रहा है।
सरकारी टीवी ने अपनी खबर में कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अब तक अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ व्यापक सहयोग रहा है। दुर्भाग्य से, एजेंसी ने इस सहयोग पर विचार किए बिना, इस सहयोग की सराहना नहीं की, बल्कि इसे ईरान का कर्तव्य करार दिया।
तेहरान ने कहा कि उसकी असैन्य परमाणु शाखा ने ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कैमरों के बंद होने की निगरानी की। इसने कहा कि मौजूदा कैमरों में से 80 प्रतिशत आईएईए ‘सुरक्षा’ कैमरे हैं और वह पहले की तरह काम करना जारी रखेंगे।
वियना स्थित आईएईए ने ईरान के कैमरों को बंद करने के कदम की तत्काल पुष्टि नहीं की है। एजेंसी की तरफ से इस पर कोई टिप्पणी भी नहीं की गई है। ईरान और वैश्विक शक्तियां 2015 में परमाणु समझौते पर सहमत हुईं, जिसमें तेहरान ने आर्थिक प्रतिबंधों के बदले में यूरेनियम के अपने संवर्धन को काफी हद तक सीमित कर दिया।
27 निगरानी कैमरे हटा रहा है ईरान: आईएईए
इस बीच संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी के प्रमुख ने गुरुवार को कहा कि ईरान अपने परमाणु स्थलों पर लगे 27 निगरानी कैमरे हटा रहा है। ईरान के इस कदम के चलते इस बात का खतरा पैदा हो गया है कि आईएईए के निरीक्षक ईरान की गतिविधियों पर नजर नहीं रख सकेंगे, जो परमाणु हथियार बनाने के लिये जरूरी संवर्धन के स्तर के करीब पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक रफेल मारिआनो ग्रोसी ने वियना में अचानक बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। ग्रोसी ने कहा कि यह एक 'गंभीर चुनौती' है। उन्होंने आगाह किया कि तीन से चार सप्ताह में एजेंसी ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में जानकारी हासिल नहीं कर पाएगी।