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'ईरान वेनेजुएला नहीं है': गालिबाफ का बड़ा दावा- दुश्मन की हर योजना नाकाम; पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका

Sun, 19 Apr 2026 07:41 AM IST
Pavan वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने दावा किया है कि दुश्मन की हर योजना नाकाम हो गई है। उन्होंने साफ कहा कि ट्रंप अपने लक्ष्य, ईरान में सत्ता परिवर्तन और उसकी सैन्य क्षमता खत्म करने, में पूरी तरह असफल रहे। उन्होंने आगे कहा कि 'ईरान वेनेजुएला नहीं है', यानी यहां बाहरी दबाव से सरकार नहीं बदली जा सकती।
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मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, ईरानी संसद के अध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की लगभग सभी सैन्य योजनाएं पूरी तरह विफल हो गईं। उनका कहना है कि दुश्मन ईरान की एयरफोर्स और मिसाइल ताकत को कमजोर नहीं कर सका, न ही नौसेना को खत्म कर पाया और न ही जमीनी हमला सफल रहा। उन्होंने खास तौर पर यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने या उस पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल करने की कोशिश भी नाकाम रही।
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'बिचौलियों के जरिए संदेश भेज रहे हैं ट्रंप'
गालिबाफ ने कहा कि दुश्मन ने पहले चेतावनियां और समयसीमा देकर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन जब उसमें भी सफलता नहीं मिली तो अब वह 'बिचौलियों के जरिए संदेश भेजने' लगा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने युद्ध के मैदान में बढ़त बनाई, जिसके कारण अस्थायी युद्धविराम हुआ। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि ट्रंप अपने लक्ष्य, ईरान में सत्ता परिवर्तन और उसकी सैन्य क्षमता खत्म करने, में पूरी तरह असफल रहे। गालिबाफ ने यह भी कहा कि 'ईरान वेनेजुएला नहीं है', यानी यहां बाहरी दबाव से सरकार नहीं बदली जा सकती।

'ईरान ने अलग रणनीति अपनाकर मजबूत दुश्मन को पीछे धकेला'
ईरानी संसद के अध्यक्ष ने माना कि सैन्य ताकत के मामले में अमेरिका ईरान से ज्यादा मजबूत है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि सिर्फ हथियार, पैसा और संसाधन ही जीत तय नहीं करते। उनके मुताबिक, ईरान ने 'असिमेट्रिक वॉरफेयर' यानी अलग रणनीति अपनाकर मजबूत दुश्मन को पीछे धकेल दिया। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर समझ बनी है, लेकिन अभी भी कई बड़े मतभेद बाकी हैं। उन्होंने साफ किया कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा और कूटनीति में भी झुकने का सवाल नहीं उठता।
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'अमेरिका फर्स्ट' दिखावा, इस्राइल को प्राथमिकता देने का आरोप
मोहम्मद गालिबाफ ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका 'अमेरिका फर्स्ट' की बात करता है, लेकिन असल में वह इस्राइल के हितों को प्राथमिकता देता है और उसी के आधार पर फैसले लेता है। हालांकि जमीनी स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। हाल के घटनाक्रम में  होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बार-बार स्थिति बदल रही है, कभी इसे खोलने की घोषणा होती है, तो कभी फिर से बंद करने की बात सामने आती है।
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