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Iran: सिस्तान-बलूचिस्तान में IRGC के अधिकारी की गोली मारकर हत्या; पाकिस्तान के साथ और बढ़ सकता है तनाव

Wed, 17 Jan 2024 11:56 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बलूचिस्तान
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ईरान- पाकिस्तान। - फोटो : Social Media
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ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) के एक अधिकारी की दक्षिणपूर्वी सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। ये घटना तब हुई है जब ईरान और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने कहा कि यह घटना पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर हुई। ईरानी समाचार एजेंसी ने बताया कि हत्याकांड के अपराधियों की पहचान करने और उनका पीछा करने के प्रयास जारी हैं। ईरान ने इस घटना को आतंकवादी हमला बताया है।

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जानकारी के मुताबिक, कर्नल होसैन-अली जावदानफर की गोली मारकर हत्या कर दी गई और हमलावरों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। ईरान द्वारा पाकिस्तान में मिसाइल और ड्रोन हमलों को अंजाम देने के ठीक एक दिन बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। इससे पहले, बुधवार को पाकिस्तान ने तेहरान से अपने राजदूत को वापस बुला दिया है, पाकिस्तान में मौजूद ईरानी राजदूत को निष्कासित कर दिया है। विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने कहा कि पाकिस्तान ने ईरान से अपने राजदूत को वापस बुलाने का फैसला लिया है। 

पाकिस्तान में आतंकी संगठन पर ईरान का हमला
गौरतलब है कि मंगलवार को ईरान ने देर रात पाकिस्तान के बलूचिस्तान में मौजूद एक आतंकी समूह के मुख्यालय पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। ईरान ने आतंकी संगठन जैश अल अदल के मुख्यालय निशाना बनाया। जिसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमारी संप्रभुता का उल्लंघन बिल्कुल भी स्वीकार नहीं हैं। साथ ही ईरान को गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस तरह की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देने का दम रखता है। 
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जैश अल अदल पर ईरान की कार्रवाई
पिछले कुछ वर्षों से आतंकी संगठन जैश अल अदल ने ईरानी सुरक्षा बलों पर हमला किया था। दिसंबर में सिस्तान बलूचिस्तान में एक पुलिस स्टेशन पर हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 11 ईरानी पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी। तमाम रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र में ईरान के सुरक्षा बलों और सुन्नी आतंकवादियों के साथ-साथ ड्रग तस्करों के बीच तनाव होता है। दिसंबर माह में हुए हमले के बाद ईरान के आंतरिक मंत्री अहमद वाहिदी ने घटनास्थल कादौरा करते हुए कहा था कि पाकिस्तान को आतंकी समूहों को अपनी सीमा में पनाह नहीं देनी चाहिए, इन्हें इस तरह के कृत्य को रोकना चाहिए। जैश अल अदल का गठन 2012 में हुआ था, जिसे ईरान आतंकवादी संगठन मानता है। ईरान के दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिस्तान-बलूचिस्तान में स्थित यह एक सुन्नी आतंकवादी समूह है। 

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