ईरान का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंच गया है। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ कर रहे हैं। एसोसिएटेड प्रेस ने सरकारी टेलीविजन के हवाले से यह जानकारी दी।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्षविराम अभी भी अस्थिर बना हुआ हुआ है। इससे पहले, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शुक्रवार को पाकिस्तान के लिए रवाना हुए। उनकी ईरान के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय वार्ता होनी है। यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है, जब इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच फिर से गोलीबारी जारी है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है।
कई ऐसे मुद्दे हैं, जो संघर्षविराम और स्थायी समझौते की कोशिशों को विफल कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, तनाव करने की कोशिशों के बावजूद क्षेत्र में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
ट्रंप की ईरान को चेतावनी
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट के साथ एक इंटरव्यू के दौरान ईरान को चेतावनी दी कि अगर समझौता विफल हुआ तो ईरान पर फिर हमला किया जा सकता है, जिसके लिए जहाजों को बेहतरीन गोला-बारूद के साथ लैस किया जा रहा है। उन्होंने पाकिस्तान में वार्ता विफल होने की स्थिति में हथियारों के 'प्रभावी इस्तेमाल' की चेतावनी दी।
ईरान ने ड्रोन हमले किए: कुवैत
वहीं, कुवैत ने आरोप लगाया कि ईरान और उसके सहयोगियों ने संघर्षविराम के बावजूद ड्रोन हमले किए हैं। हालांकि, ईरान के रिवोल्यूशनरी ने इन आरोपों को खारिज किया। आईआरजीसी ने कहा कि उन्होंने खाड़ी देशों पर कोई हमला नहीं किया है।
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इस्राइली पीएम ने लेबनान से सीधी बातचीत को दी मंजूरी
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में संकेत दिया है और लेबनान के साथ सीधी बातचीत की अनुमति दी है। हालांकि, लेबनान सरकार ने शुक्रवार सुबह तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नही दी।
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के समाधान पर वार्ता शनिवार से इस्लामाबाद में शुरू होने जा रही है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे।