ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने संसद द्वारा स्वीकृत उस विधेयक को खारिज कर दिया है जिसमें संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों की अनदेखी कर यूरेनियम संवर्धन को मजबूत करने की बात कही गई है।
रूहानी ने कहा कि विधेयक साल 2015 के परमाणु समझौते को बहाल करने और अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील पर केंद्रित कूटनीतिक प्रयासों के विपरीत है। पिछले महीने ईरान के एक जाने-माने परमाणु वैज्ञानिक की हत्या के बाद इस विधेयक पर वाकयुद्ध शुरू हो गया था।
राष्ट्रपति के कदम को अपेक्षाकृत उदार रूहानी और संसद में प्रभुत्व रखने वाले कट्टरपंथी सांसदों के बीच प्रतिद्वंद्विता का परिणाम माना जा रहा है। विधेयक में कहा गया था कि यदि यूरोपीय देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत देने में विफल रहते हैं तो संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों की अनदेखी कर तेहरान को यूरेनियम संवर्धन को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाना चाहिए।
मंत्रिमंडल की बैठक में रूहानी ने कहा कि उनका प्रशासन विधेयक से सहमत नहीं है क्योंकि यह 2015 के परमाणु समझौते को बहाल करने और अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील पर केंद्रित कूटनीतिक प्रयासों के विपरीत है।