डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने वाशिंगटन के साथ एक समझौता करना चाहा था, लेकिन तेहरान बातचीत में देरी कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि वे तय करेंगे कि चल रहे टकराव को कब खत्म करना है। टेक्सास में अपनी रैलियों से लौटते समय पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'सवाल यह है कि मैं इसे कब खत्म करना चाहता हूं, वे समझौता करना चाहते थे, लेकिन वे इसे टालते रहते हैं। हो सकता है कि वे चुनाव या किसी और चीज का इंतजार कर रहे हों, लेकिन इससे उन्हें कोई मदद नहीं मिलेगी।' उनका ये बयान ऐसे समय में आया है जब ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बुधवार को 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर ट्रंप की टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने वाशिंगटन पर अपने वादों से मुकरने का आरोप लगाया और अमेरिकी 'दुर्व्यवहार' के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की।
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ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या आरोप लगाया?
अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में बघाई ने कहा, 'कूटनीति के प्रति वाशिंगटन की अवहेलना एक बार फिर सबके सामने आ गई है। राष्ट्रपति ट्रंप का यह स्वीकार करना कि उन्हें इस्लामाबाद समझौते पर कभी भरोसा नहीं था और वे इसे समय की बर्बादी मानते थे, उनके कूटनीतिक वादों की खोखलेपन को उजागर करता है।' उन्होंने आगे कहा कि ईरान के लिए यह कोई नई बात नहीं है। वाशिंगटन का अपने वादों से मुकरने और जब भी अंतरराष्ट्रीय दायित्व असुविधाजनक लगें, तो उन्हें नजरअंदाज कर देने का पुराना इतिहास रहा है। बघाई ने वाशिंगटन के प्रति यूरोपीय देशों और अन्य लोगों के रुख की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'यूरोपीय देशों और वाशिंगटन का बचाव करने वालों के पास अमेरिकी दुर्व्यवहार पर पर्दा डालने और उसे जवाबदेही से बचाने का कोई औचित्य नहीं है।'
अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर क्या बोला ईरान?
ईरानी प्रवक्ता ने कहा, 'तोड़े गए वादों को माफ नहीं किया जा सकता, अंतरराष्ट्रीय कानून को चुनिंदा तरीके से लागू नहीं किया जा सकता और किसी भी तरह की राजनीतिक बयानबाजी वाशिंगटन को जवाबदेही से नहीं बचा सकती।' इससे पहले, टेक्सास के लुबॉक में एक रैली में बोलते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध शुरू नहीं किया था। उन्होंने तेहरान पर 1979 से वाशिंगटन के खिलाफ संघर्ष छेड़ने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध शुरू नहीं किया। ईरान 1979 से अमेरिका के खिलाफ यह युद्ध लड़ रहा है, जिसमें हमारे कई बेहतरीन लोग मारे गए हैं। उन्होंने हमारे हजारों सैनिकों को मार डाला है और कई अन्य को घायल किया है।' उन्होंने इस मुद्दे को संभालने के तरीके को लेकर अमेरिका के पूर्व नेताओं की आलोचना की और कहा, 'पुराने नेताओं को इस समस्या को बहुत पहले ही सुलझा लेना चाहिए था, लेकिन उनमें ऐसा करने की न तो हिम्मत थी और न ही समझदारी।'
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ईरान से युद्ध खत्म करने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि किसी ने मुझसे पहले पूछा था कि 'ईरान में युद्ध कब खत्म होगा?' मैंने कहा, 'जब मैं चाहूंगा कि यह खत्म हो जाए, तब हो जाएगा।' अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस-यूक्रेन संघर्ष और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से चुनाव हारने के बाद ब्राजील के नेता फ्लेवियो बोल्सोनारो के अमेरिका आने की खबरों जैसे मुद्दों पर भी जवाब दिए। रूस-यूक्रेन संघर्ष पर ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन इस दिशा में प्रगति कर रहा है और जल्द ही एक बैठक आयोजित की जाएगी। ट्रंप ने कहा कि हम रूस-यूक्रेन मामले में काफी प्रगति कर रहे हैं। बहुत जल्द एक बैठक आयोजित की जाएगी।