ईरान के अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकारों को निजी तौर पर बताया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हाल में हुए हमले एक गलती थे। सीबीएस न्यूज ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों के पीछे ईरान का एक ऐसा धड़ा था, जो अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता को विफल करना चाहता था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि व्हाइट हाउस चाहता है कि ईरान सार्वजनिक रूप से स्वीकार करे कि यह एक गलती थी। ट्रंप प्रशासन इन हमलों को युद्धविराम के "उल्लंघन" के रूप में देख रहा है।
क्या हमलों को ईरान ने माना गलती?
राष्ट्रपति ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व वाली अमेरिकी वार्ता टीम को ओमान की राजधानी मस्कट में जारी बातचीत आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। यह वार्ता शनिवार से शुरू हुई है। सीबीएस न्यूज के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, "वे फिर बातचीत की मेज पर लौटे और कहा, 'हमसे गलती हुई। हमने भूल की। आइए बातचीत जारी रखते हैं।'"
रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान में शनिवार को हुई बैठक के बाद अमेरिकी प्रशासन को उम्मीद है कि ईरान इस बात पर कायम रहेगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा और उसका संचालन उसी तरह होगा, जैसा संघर्ष शुरू होने से पहले था।
ईरान और ओमान के बीच बातचीत
इसी बीच, हालिया सैन्य तनाव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता फिर से शुरू कराने और तनाव कम करने के प्रयासों के तहत कतर के वार्ताकार ईरान पहुंचे हैं। इससे पहले शनिवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मस्कट में ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र अल-बुसैदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय घटनाक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा पर चर्चा हुई।
अराघची ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर बताया कि दोनों नेताओं ने तेहरान और मस्कट के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्रीय हालात पर भी विचार-विमर्श किया।
ट्रंप का एलान- ईरान से समझौता खत्म
ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अनुच्छेद-5 के अनुरूप जहाजों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा की। ओमान ने क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन दोहराया।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि तेहरान के अनुरोध के बाद अमेरिका ने ईरान के साथ बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। हालांकि, उन्होंने यह भी दोहराया कि दोनों देशों के बीच पहले लागू युद्धविराम को अमेरिका अब भी "खत्म" मानता है।