अफगानिस्तान में सत्ता पर काबिज तालिबानियों और ईरानी सेना के बीच निमरोज प्रांत में सासोली सीमा चौकी पर लड़ाई शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच सीमा पर पानी के विवाद को लेकर गोलीबारी हुई। यह जानकारी ईरानी स्थित समाचार एजेंसी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज (आईआरएनए) ने दी।
राष्ट्रीय पुलिस के डिप्टी कमांडर ब्रिगेडियर जनरल कासिम रेजाई ने अफगान सीमा के पास जाबोल सीमा रेजीमेंट में स्थित सासोली चौकी पर शनिवार को हुए हमले पर चिंता व्यक्त की। कमांडर ने कहा कि तालिबानियों ने अंतरराष्ट्रीय कानून और अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है। सीमा पर झड़पों के बाद राष्ट्रीय पुलिस के मुख्य कमांडर, ब्रिगेडियर जनरल अहमदरेज़ा रादन ने सीमा रक्षकों को एक निर्देश जारी किया, जिसमें उन्हें बहादुरी और निर्णायक रूप से सीमाओं की रक्षा करने और हमले की अनुमति नहीं देने के लिए कहा गया।
आईआरएनए ने बताया कि बाद में, सिस्तान और बलूचिस्तान के बॉर्डर गार्ड कमांड के सूचना केंद्र ने सीमा पर होने वाली झड़पों के बारे में जानकारी दी। बयान में कहा गया है कि ईरानी सैनिकों की तरफ से की गई गोलाबारी में तालबानियों को नुकसान पहुंचाया और हताहत हुए है। आईआरएनए के मुताबिक, तालिबान के अधिकारी जानते हैं कि अगर वे देश में एक स्थिर सरकार स्थापित करना चाहते हैं, तो उन्हें ईरान सहित पड़ोसियों के साथ रचनात्मक संबंध बनाने होंगे। उन्होंने काबुल में सत्तारूढ़ समूह को यह भी याद दिलाया कि ईरान ने पिछले दशकों में किसी भी अन्य देश की तुलना में अफगानिस्तान के लोगों को अधिक सहायता प्रदान की है।
अफगानिस्तान-ईरान सीमा संघर्ष में तीन की मौत
तालिबान के एक प्रवक्ता और ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार शनिवार को सीमा पर हुए दोनों देशों के बीच संघर्ष में कम से कम दो ईरान सैनिकों और एक तालिबानी की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पानी के विवाद में दोनों देशों के बीच हुए तनाव में कई चोटिल हुए हैं। तालिबान द्वारा संचालित आंतरिक मंत्रालय के एक प्रवक्ता, अब्दुल नफी ताकोर ने कहा कि निमरोज प्रांत में ईरानी सीमा बलों ने अफगानिस्तान की ओर गोलीबारी की।