खामनेई ने कहा, इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमारा मिसाइल हमला अमेरिका के गाल पर चांटा था। हमारे मिसाइल हमले ने यह साफ कर दिया कि ईरान के पास वैश्विक शक्ति को टक्कर देने की क्षमता है क्योंकि हमारे ऊपर ईश्वर का हाथ है। जिस दिन हमने मिसाइल हमला किया वह दिन खुदा का दिन था।
ईरानी मिसाइल हमलों में 11 अमेरिकी सैनिक हुए थे घायल
इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों में 11 अमेरिकी सैनिक के घायल हुए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बृहस्पतिवार को खुद यह जानकारी दी जबकि ट्रंप इस हमले से अपने सैनिकों के नुकसान की बात खारिज कर चुके हैं। कमांड के प्रवक्ता कैप्टन बिल उर्बन ने कहा कि आठ जनवरी को हुए ईरानी मिसाइल हमले में किसी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई लेकिन 11 घायल जरूर हुए। हमले के वक्त 1500 अमेरिकी सैनिक वहां थे और सभी बंकरों में सुरक्षित थे।
दुबई : ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी ने शुक्रवार को कहा कि ईरान में हुए यूक्रेन के विमान हादसे को राजनीतिक मुद्दे में नहीं बदला जाना चाहिए। उन्होंने कहा, हम सभी पक्षों से अनुरोध करते हैं कि वे मानवीय मुद्दों और विशेष रूप से इस दुखद घटना को राजनीतिक मुद्दों में तब्दील नहीं करें। मौसवी ने कहा कि ईरान ने उन देशों के साथ सहयोग किया जिनके नागरिक दुर्घटना में मारे गए हैं।
अमेरिका को साइबर हमले की आशंका
दूसरी ओर अमेरिका ने आशंका जताई है कि ईरान साइबर हमला कर सकता है। पेंटागन के कार्नेगी एंडॉवमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में साइबर पॉलिसी फेलो रहे पूर्व खुफिया अधिकारी जॉन बेटमैन ने कहा कि साइबर हमला सबसे आसान तरीका है, जिसका अमेरिका पर सीधा असर पड़ सकता है। हमला पारंपरिक हो यह जरूरी नहीं इसलिए साइबर हमले की आशंका बनी हुई है।