ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई
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ईरान इन दिनों इस्राइल के साथ युद्ध लड़ रहा है। ऐसे माहौल में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कुछ पुराने ट्वीट्स इन दिनों सोशल मीडिया पर फिर से चर्चा में आ गए हैं। दरअसल इन ट्वीट में खामेनेई ने महिला अधिकार और अपने स्कूल के दिनों के बारे में बात की है। खामेनेई, जिनके ईरान में शासन को कट्टरपंथी माना जाता है, उनकी उदारवादी सोच इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है।
महिलाओं को लेकर किए गए ट्वीट हो रहे वायरल
ईरानी नेता के ये ट्वीट काफी पुराने हैं और कुछ तो एक दशक से भी ज्यादा पुराने हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इन ट्वीट के लिए खामेनेई को प्रगतिशील नेता बता रहे हैं। एक ट्वीट में खामेनेई ने लिखा कि 'पुरुषों की जिम्मेदारी है कि वे महिलाओं की जरूरतों और भावनाओं को समझें और उनकी भावनाओं को नजरअंदाज न करें।' एक अन्य ट्वीट में खामेनेई ने लिखा कि 'महिलाएं, पुरुषों से ज्यादा मजबूत होती हैं। महिलाएं पुरुषों को अपने प्रभाव और बुद्धि से पूरी तरह से नियंत्रित कर सकती हैं।' खामेनेई के ये पुराने ट्वीट उनके मौजूदा शासन से पूरी तरह से अलग हैं। जहां महिलाओं पर कई तरह की पाबंदियां लागू हैं।
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स्कूलों में शरारत पर भी किया ट्वीट
खामेनेई ने अपने स्कूल के दिनों के बारे में भी बात की और ये भी बताया था कि वे स्कूल में काफी शरारती हुआ करते थे। एक ट्वीट में खामेनेई ने लिखा कि 'मैं स्कूल में भी पहले दिन से ही लबादा पहनकर जाता था। हालांकि अन्य बच्चों के सामने इसे पहनना थोड़ा असहज था, लेकिन मैंने इसकी कमी को शरारतों से पूरा करने की कोशिश की।' ईरानी नेता ने एक ट्वीट में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की किताब का भी जिक्र किया। खामेनेई ने लिखा कि 'पंडित नेहरू द्वारा लिखित किताब Glimpses of World History पढ़ने से पहले मुझे नहीं पता था कि भारत औपनिवेशीकरण से पहले कई अहम प्रगति से गुजरा था।'
ईरान के सर्वोच्च नेता के इन ट्वीट की यूजर्स द्वारा तारीफ की जा रही है और लोग उन्हें उदारवादी और प्रगतिशील नेता बता रहे हैं। खामेनेई के ट्वीट ऐसे समय वायरल हुए हैं, जब इस्राइल द्वारा लगातार ईरान पर हमले किए जा रहे हैं। ईरान ने भी आत्मसमर्पण न करने की बात कही है। खामेनेई ने हाल ही में अमेरिका को धमकी दी कि अगर अमेरिका संघर्ष में शामिल हुआ तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।