दो दिन पहले ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवर्ली ने ईरानी प्राधिकारियों से शांतिपूर्वक एकत्र होने के अधिकार का सम्मान करने, संयम बरतने और गलत ढंग से हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की अपील की थी। ईरानी नेताओं ने पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और इस्राइल पर दंगे भड़काने का आरोप लगाया।
ईरान ने हिजाब के विरोध में जारी प्रदर्शनों के खिलाफ तेहरान की कार्रवाई को लेकर ब्रिटेन के ‘भड़काऊ बयानों’ पर ब्रिटिश राजदूत को एक फिर तलब किया। ईरान ने 10 दिन से भी कम समय में ब्रिटिश राजदूत साइमन शेरक्लिफ को दूसरी बार तलब किया और लंदन के बयानों की कड़ी निंदा की।
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दो दिन पहले ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवर्ली ने ईरानी प्राधिकारियों से शांतिपूर्वक एकत्र होने के अधिकार का सम्मान करने, संयम बरतने और गलत ढंग से हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की अपील की थी। ईरानी नेताओं ने पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और इस्राइल पर महसा अमीनी की हिरासत में मौत के बाद दंगे भड़काने का आरोप लगाया, लेकिन उसने इस संबंध में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए। अमीनी की मौत के खिलाफ प्रदर्शन बुधवार को तीसरे सप्ताह भी जारी रहे।
ईरानी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में ऑस्कर विजेताओं ने काटे बाल
फ्रांस में संगीत और फिल्मों की दुनिया की स्टार ऑस्कर विजेता मैरियन कोटिलार्ड व जूलियट बिनोचे ने ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बुधवार को खुद के बाल काटते हुए वीडियो पोस्ट किया। कैमरे के सामने सिर के बीचोबीच कैंचियों के जोड़े से बड़े मुट्ठीभर बाल काटने के बाद बिनोचे ने कहा, आजादी के लिए। यह वीडियो हेयरफॉरफ्रीडम हैशटैग से ट्रेंड करने लगा।
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इंस्टाग्राम के एक अकाउंट से जारी वीडियो में कोटिलार्ड और बिनोचे के साथ दर्जनों अन्य महिलाओं को भी बाल काटते हुए दिखाया गया है। इनमें अभिनेत्री शार्लोट रैंपलिंग और शार्लोट रैंपलिंग गेन्सबर्ग भी शामिल हैं। उन्हें अपनी मां गायिका जेन बिर्किन के बाल काटते दिखाया गया है। वीडियो के साथ एक पोस्ट में कहा गया है कि ईरानी प्रदर्शनकारियों के साहस ने हमें प्रभावित किया है।
दावा-सिर पर वार करने से हुई बेटी की मौत
विवाद के बीच 16 वर्षीय ईरानी लड़की की मां ने आधिकारियों के इन दावों का खंडन किया है कि उसकी बेटी की मौत एक ऊंची इमारत से गिरकर हुई थी। महिला ने दावा किया कि उसकी बेटी के सिर पर वार किया गया था, जिससे उसकी मौत हुई। नसरीन शकरमी ने यह भी कहा कि अधिकारियों ने उनकी बेटी नीका की मौत को नौ दिनों तक छिपाए रखा और फिर परिवार की इच्छा के खिलाफ उसे एक दूरदराज के इलाके में दफनाने के लिए शव को मुर्दाघर से ले गए।