ईरान ने अपने एक तेल टैंकर को अवैध ढंग से ब्रिटेन द्वारा जब्त किए जाने के बाद तेहरान में ब्रिटिश राजदूत को तलब किया है। ब्रिटेन की रॉयल नौसेना द्वारा यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिबंधों को तोड़कर सीरया की तरफ बढ़ रहे ईरानी तेल टैंकर को जिब्राल्टर में जब्त करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों की मदद की।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस तरह की कार्रवाई को एक तरह की समुद्री लूट बताया है। जबकि स्पेन के कार्यवाहक विदेश मंत्री ने कहा कि यह टैंकर (ग्रेस-1) अमेरिकी आग्रह पर जब्त किया गया है। हालांकि इंग्लैंड ने इन आरोपों को कोरी बकवास बताते हुए खारिज कर दिया है। बताया गया कि जिब्राल्टर सरकार की सूचना पर ब्रिटेन के 42 कमांडो मदद के लिए वहां पहुंचे थे।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसावी ने बताया कि ईरान ने ब्रिटेन के राजदूत रॉबर्ट मैकेयर को इस मामले में तलब कर लिया है। मौसावी ने कहा कि यह कार्रवाई बताती है कि ब्रिटेन भी अमेरिका की तर्ज पर ही काम कर रहा है, जो हमें स्वीकार नहीं है। उधर, अमेरिकी एनएसए जॉन बोल्टन में ईरानी जहाज को जब्त करने की सूचना मिलने पर इसे शानदार खबर बताया।