ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने कहा है कि ईरान एटमी करार के अनुपालन को तब तक जारी रखेगा जब तक इसमें शामिल अन्य देश कोई सकारात्मक संकेत नहीं देते हैं। रुहानी ने शनिवार को कहा कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका लगातार तनाव को बढ़ा रहा है। 2018 में अमेरिका के परमाणु करार से खुद बाहर होने के बाद से ईरान ने वैश्विक महा शक्तियों के साथ 2015 में हुए एटमी करार की कुछ प्रतिबद्धताओं का पालन बंद कर दिया था।
तजाकिस्तान में हुए एक सम्मेलन में रुहानी ने रूस, चीन और एशियाई नेताओं के समक्ष कहा कि यह जाहिर है कि ईरान इस समझौते पर एकतरफा नहीं टिक सकता है। रुहानी ने रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी से सकारात्मक संकेत देने की मांग की। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मॉस्को करार का पालन करेगा और उन्होंने दूसरे सदस्यों से भी ऐसा करने को कहा।