इस्माइल बघाई, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
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पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात खराब होते नजर आ रहे हैं। जहां अब ईरान और यूरोपीय संघ के बीच टकराव खुली जुबानी में बदलती नजर आ रही है और इसका कारण दुनिया की तेल सप्लाई की धड़कन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य पर घमासान छिड़ गया है। ईरान ने यूरोप पर पाखंड और दोहरे खेल का करारा वार किया है, जिससे हालात और भड़क उठे हैं। बढ़ते तनाव के बीद हर बयान अब आग में घी डालने जैसा साबित हो रहा है और वैश्विक संकट गहराने की आशंका तेज हो गई है।
इस जुबानी जंग की शुरुआत ऐसे हुई कि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यूरोपीय संघ पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूरोप अंतरराष्ट्रीय कानून की बात तो करता है, लेकिन खुद उसका पालन नहीं करता। बघाई ने यह भी कहा कि ईरान को अपने तटीय क्षेत्र में सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार है। ईरान का कहना है कि अगर उसकी सुरक्षा को खतरा होता है, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण लगा सकता है। यहां तक कि उसने संकेत दिया है कि अब वही जहाज पहले गुजर पाएंगे, जो तय शुल्क देंगे और नए नियमों का पालन करेंगे।
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यूरोपीय आयोग ने दी सख्त चेतावनी
वहीं, दूसरी ओर यूरोपीय आयोग के उपाध्यक्ष काजा कालास ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार इस जलमार्ग से आवाजाही पूरी तरह खुली और मुफ्त रहनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जहाजों से पैसे लेने की कोशिश की, तो यह पूरी दुनिया के समुद्री व्यापार के लिए खतरनाक मिसाल बन सकता है।
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होर्मुज पर फिर बढ़ा विवाद
इस बीच, हालात तब और गंभीर हो गए जब ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने ऐलान किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया जाएगा। उनका कहना है कि अमेरिका ने ईरान के जहाजों और बंदरगाहों पर लगी रोक नहीं हटाई, जो युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन है।
आईआरजीसी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी जहाज इस इलाके के पास न आए, वरना उसे दुश्मन का साथ देने वाला माना जाएगा और उस पर कार्रवाई हो सकती है। दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अब अमेरिका को ब्लैकमेल करने की स्थिति में नहीं है। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और वैश्विक व्यापार व तेल सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।