अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के साथ जुबानी जंग भी तेज हो गई है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक ‘सिरफिरा राष्ट्रपति’ करार दिया है। ईरानी अधिकारी ने कहा कि तेहरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकियां काम नहीं करेंगी और अगर ट्रंप ईरान से बातचीत करना चाहते हैं तो उन्हें न सिर्फ उसके प्रति सम्मान दर्शाना होगा, बल्कि साथ ही एक स्थिर संदेश पर कायम रहना होगा।
ईरानी संसद के विदेशी मामलों के निदेशक हुसैन आमिर-अब्दुलाहियान ने एक अमेरिकी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘ट्रंप ‘सिरफिरे’ हैं और उनका प्रशासन ‘भ्रमित’ है। ट्रंप सोचते हैं कि उन्होंने प्रतिबंधों के जरिए ईरान के सिर पर बंदूक तान दी है और वह हमारी अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह सब सिर्फ उनकी कल्पना है। अब वह चाहते हैं कि हम उनसे बात करें? ट्रंप एक सिरफिरे राष्ट्रपति हैं।’ हुसैन का यह बयान ट्रंप की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान युद्ध चाहता है तो यह इस इस्लामिक देश का ‘आधिकारिक अंत’ होगा।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन पर निशाना साधते हुए हुसैन ने कहा, ‘व्हाइट हाउस के भीतर ही विचारों में काफी मतभेद हैं। इतना ही नहीं, ट्रंप अपने निर्णय लेने में संतुलित और स्थिर नहीं हैं, इसलिए हमें एक भ्रमित व्हाइट हाउस से निपटना पड़ रहा है। ईरान को कई संकेत मिलते हैं, जिनसे पता चलता है कि कोई नहीं जानता कि व्हाइट हाउस पर किसका शासन है।’ हालांकि, हुसैन ने साथ ही यह भी कहा कि वे बातचीत के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सवाल यह है कि यह कैसे की जानी चाहिए। ट्रंप ईरान से फोन पर बात करने के बारे में चर्चा कर सकते हैं, लेकिन तभी तब वह धमकी और बल की भाषा का प्रयोग न करें। ट्रंप को अगर लगता है कि ईरान के खिलाफ उनकी धमकियां काम करेंगी तो उन्हें ईरानी लोगों की संस्कृति और मानसिकता के बारे में कुछ भी पता नहीं है।
अमेरिका ने नहीं की बातचीत की पेशकश : ट्रंप
इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान से बातचीत की कोई पेशकश नहीं की है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान वार्ता चाहता है तो पहला कदम उसे उठाना होगा। ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘फेक न्यूज ने बिना किसी सूचना के एक झूठा बयान प्रसारित किया है कि अमेरिका ईरान के साथ वार्ता की कोशिश कर रहा है। यह झूठी खबर है। ईरान को जब लगेगा कि वह तैयार है, वह हमें बुलाएगा। ईरान की अर्थव्यवस्था तबाह हो रही है, ईरान के लोगों के लिए मैं बेहद दुखी हूं।’ इससे पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान ने अमेरिकी हितों पर हमला किया तो उसे तबाह कर दिया जाएगा।