ओमान में अमेरिका-ईरान की अप्रत्यक्ष वार्ता शुरू
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ईरान और अमेरिका ने परमाणु कार्यक्रम को लेकर ओमान में अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू कर दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने सोशल प्लेटफॉर्म पर यह घोषणा की। इस्माइल बाघई ने कहा, यह वार्ता ओमानी मेजबानों की तरफ से निर्धारित जगह पर आयोजित की जाएगी, जहां इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधि अलग-अलग कमरों में बैठेंगे।
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क्या है मामला?
ईरान का परमाणु कार्यक्रम हाल के महीनों में तेजी से आगे बढ़ा है। पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका, को आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम कर सकता है। हालांकि, ईरान हमेशा यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
क्यों हो रही है अप्रत्यक्ष बातचीत?
ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत लंबे समय से रुकी हुई है। दोनों देशों के रिश्ते 2018 से और खराब हो गए थे, जब अमेरिका ने परमाणु समझौते (संयुक्त व्यापक कार्य योजना - जेसीपीओए) से खुद को अलग कर लिया था। अब ओमान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि दोनों देश किसी समाधान पर पहुंच सकें। इस वार्ताओं से उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच बनी तनातनी को कुछ हद तक कम किया जा सकेगा, खासकर तब जब मध्य पूर्व में पहले से ही कई तरह के तनाव बरकरार है।
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19 अप्रैल को ईरान-अमेरिका के बीच दूसरे दौर की वार्ता
ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते पर दूसरे दौर की वार्ता 19 अप्रैल को संभावित है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। एक टीवी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की वार्ता अगले सप्ताह हो सकती है। इसका उद्देश्य संभावित परमाणु समझौते के व्यापक ढांचे पर विमर्श करना है। बता दें कि ईरान और अमेरिका ने शनिवार को ओमान में इस सिलसिले में वार्ता की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी कि यदि कोई समझौता नहीं होता है तो वे सैन्य कार्रवाई करेंगे। विदेश मंत्री अराक्ची ने कहा कि वार्ता का स्थान अभी तय होना है और कोई भी पक्ष निरर्थक या समय बर्बाद करने वाली वार्ता नहीं चाहता है।