करीब तीन घंटे बाद सुपुर्द-ए-खाक होंगे खामेनेई
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ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान इराक के पवित्र शहर कर्बला में भारी भीड़ उमड़ी। सड़कें लोगों से पूरी तरह भर गईं। हजारों-लाखों लोग सुबह से ही अंतिम यात्रा के रास्ते और धार्मिक स्थलों के आसपास पहुंच गए थे। कई लोग तो एक दिन पहले ही कर्बला पहुंच गए थे ताकि उन्हें अच्छी जगह मिल सके।
बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए
इससे पहले खामेनेई का ताबूत इराक के दूसरे पवित्र शहर नजफ ले जाया गया। वहां इमाम अली की दरगाह पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। लोगों ने ताबूत को अपने कंधों पर उठाया। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि ताबूत कई बार इधर-उधर झूलने लगा। कई लोग उसे छूने की कोशिश कर रहे थे, जिससे धक्का-मुक्की भी हुई।
ईरान के झंडे के साथ दिखे लोग
इसके बाद ताबूत को सड़क के रास्ते नजफ से कर्बला लाया गया। जैसे ही ताबूत शहर पहुंचा। बड़ी संख्या में लोग उसके साथ चलने लगे। लोग ईरान के झंडे लहरा रहे थे और खामेनेई की तस्वीरें हाथ में लिए हुए थे। पूरे रास्ते धार्मिक नारे लगाए गए और लाउडस्पीकरों से भी लगातार घोषणाएं होती रहीं।
भीषण गर्मी से बचने के लिए क्या किया गया?
भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों के लिए जगह-जगह पानी का छिड़काव किया गया। खाने-पीने के स्टॉल भी लगाए गए ताकि दूर-दूर से आए लोगों को कोई परेशानी न हो। सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमें भी मौजूद थीं।
ईरान ने शनिवार से छह दिन का अंतिम संस्कार कार्यक्रम शुरू किया है। इस दौरान अंतिम यात्रा उन धार्मिक और ऐतिहासिक जगहों से होकर गुजर रही है, जो ईरान और शिया समुदाय के लिए खास महत्व रखती हैं। यात्रा तेहरान से शुरू होकर ईरान के पवित्र शहरों और फिर इराक के नजफ व कर्बला पहुंची। इसके बाद ताबूत वापस ईरान ले जाया जाएगा, जहां गुरुवार को उनके पैतृक शहर मशहद में दफनाया जाएगा।