अपने सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए ईरान ने बुधवार को इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें बरसाईं। इसमें दावा किया गया है कि हमले में 80 से ज्यादा अमेरिकी मारे गए हैं।
अमेरिका से बदला लेने के लिए ईरान ने बाकायदा ऑपरेशन चलाया, जिसे नाम दिया 'ऑपरेशन मार्टिर सुलेमानी'। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी हमलावरों के आपराधिक एवं आतंकी अभियान के जवाब और सुलेमानी की कायराना हत्या एवं दर्दनाक शहादत का बदला लेने के लिए था। इस दौरान ईरान ने अमेरिका को क्रूर, आतंकी और शैतान जैसे शब्दों से नवाजा। यही नहीं उसने अमेरिका की मदद करने वाले देशों को भी चेतावनी दी। हमले के बाद ईरान ने इस तरह हुंकार भर अमेरिका को चेताया...
- अमेरिकी आतंकी सेना के हमलावर हवाई प्रतिष्ठान पर जमीन से जमीन पर मार करने वाली दर्जनों मिसाइलें दागी गईं...एन अल असद। यह ठिकाना नष्ट कर दिया गया।
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- हम बड़े शैतान, क्रूर और अहंकारी अमेरिकी शासन को चुनौती देते हैं कि किसी भी नए दुर्भावनापूर्ण कृत्य या हमलावर गतिविधि का अंजाम और भी अधिक दर्दनाक तथा विनाशकारी होगा।
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- हम अमेरिका की आतंकी सेना को आधार उपलब्ध कराने वाली उसकी मित्र सरकारों को चेतावनी देते हैं। ऐसे किसी भी स्थल को निशाना बनाया जाएगा, जिसका इस्तेमाल इस्लामी गणराज्य ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की शत्रुतापूर्ण और हमलावर गतिविधि के लिए किया जाएगा।
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- हमें नहीं लगता कि यहूदी शासन इन अपराधों के लिए (जिम्मेदारी) किसी भी तरह अमेरिका से अलग है।
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- हम अमेरिकी लोगों को सलाह देते हैं कि वे और अधिक नुकसान व क्षेत्र में मौजूद अपने सैनिकों का जीवन बचाने के लिए अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाएं।
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- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर इस महान विजय के लिए इस्लाम के अनुयायियों को बधाई देती है।