ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बुधवार को अमेरिका की ओर से आए नए समझौते के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। ट्रंप डील, कहे जा रहे इस प्रस्ताव में परमाणु मसले को सुलझाने की बात कही गई थी। ईरान ने इसे अजनबी सा प्रस्ताव बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की और कहा कि वह हमेशा वादा तोड़ देते हैं।
रूहानी ने पश्चिम एशिया में तैनात यूरोपीय सैनिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे खतरे में हो सकते हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि जब रूहानी ने अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के समय यह धमकी दी। यह बात ऐसे समय में कही गई है जब यूरोपीय संघ के तीन देशों ने आरोप लगाया है कि ईरान परमाणु कार्यक्रम के 2015 के समझौते का पालन करने में विफल रहा है। हालांकि उनके बयान जारी होने के बावजूद ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने संकेत दिए कि वह ट्रंप के साथ हुए व्यापक समझौते को वरीयता देंगे न कि 2015 के समझौते को।