ईरान में 18 जून को राष्ट्रपति पद के चुनाव होने जा रहे हैं। इसे लेकर इन दिनों जोरदार चुनाव प्रचार जारी है। इसी कड़ी में पश्चिमी देशों का विरोध करने के रुख पर कायम देश में एक मुख्य उम्मीदवार ने सुधारवादी मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश की है।
ईरान के सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान के पूर्व प्रमुख अब्दुल नासिर हिम्मती ने पश्चिम के साथ बेहतर आर्थिक व राजनीतिक रिश्ते बनाने की अपील की है। अब्दुल नासिर हिम्मती के किसी भी राजनीतिक धड़े के साथ कोई आधिकारिक संबंध नहीं है, लेकिन वह उदारवादी और सुधारवादी मतदाताओं के लिए खुद को संभावित उम्मीदवार के रूप में स्थापित कर रहे हैं। वे उन सात उम्मीदवारों में से एक हैं जिनके नामांकन को मंजूरी मिली है।
हिम्मती ने कहा, ‘‘शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के रास्ते में अवरोधक क्यों होने चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि वैश्विक-क्षेत्रीय शांति में सुधार अमेरिकी सद्भावना और इस्लामी गणराज्य के साथ ‘विश्वास-निर्माण’ पर टिका है। उन्होंने कहा, चुनाव में जीत के बाद मैं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से मिलना चाहूंगा।