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Iran: 'ईरान पर युद्ध थोप रहे यूएस, इस्राइल और यूरोप', राष्ट्रपति पेजेश्कियन की धमकी- अब निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे

Sun, 28 Dec 2025 10:44 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिबंधों के चलते ईरान पर भारी दबाव पड़ रहा है। सोमवार को नेतन्याहू और ट्रंप की मुलाकात से ईरान और भड़क गया है और उसने अमेरिका और इस्राइल पर उसके खिलाफ युद्ध थोपने का आरोप लगाया है। 
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन। - फोटो : एक्स/@drpezeshkian
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विस्तार
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने दावा किया है कि अमेरिका, इस्राइल और यूरोप उनके देश के खिलाफ युद्ध छेड़ रहे हैं। ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब सोमवार को इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की आधिकारिक वेबसाइट को दिए एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा, 'मेरी राय है कि हम अमेरिका, इस्राइल और यूरोप के साथ एक पूर्ण युद्ध में हैं। वे नहीं चाहते कि हमारा देश अपने पैरों पर खड़ा हो सके।'
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ईरानी राष्ट्रपति ने दी धमकी
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा, 'हमारी सैन्य ताकतें पूरी मजबूती से अपना काम कर रही हैं और अब हथियारों और संख्याबल के लिहाज से हम पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत हैं।' राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने धमकी देते हुए कहा, अब अगर उन्होंने हम पर हमला किया तो हम निर्णायक जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि ये लड़ाई इराक के खिलाफ हुए युद्ध से भी ज्यादा खतरनाक होगी। साथ ही यह उस युद्ध से भी ज्यादा जटिल और मुश्किल होगी। 

अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए थे हमले
अमेरिका और इस्राइल, ईरान पर परमाणु हथियार बनाने के आरोप लगा रहे हैं, जबकि ईरान इन आरोपों से इनकार करता आ रहा है। बीती जून में ईरान और इस्राइल के बीच संघर्, हुआ था, जिसमें इस्राइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। साथ ही नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया गया था। ईरान ने भी इस्राइल पर जवाबी हमले किए। हालांकि बाद में अमेरिका ने इस्राइल के समर्थन में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। जिसमें कथित तौर पर ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान हुआ। 
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जनवरी में अमेरिका की सत्ता संभालने के बाद से ट्रंप सरकार ने ईरान की सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। अपने पहले कार्यकाल में भी ट्रंप ने ईरान पर दबाव बनाया और दूसरे कार्यकाल में भी उस रणनीति को जारी रखा है। प्रतिबंध लगने के चलते ईरान को वैश्विक तेल बाजार में राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सोमवार को नेतन्याहू और ट्रंप की मुलाकात में ईरान पर और अधिक दबाव बनाने को लेकर चर्चा हो सकती है। 

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