ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोमवार को संकल्प लिया कि नैतिकता पुलिस अब महिलाओं को परेशान नहीं करेगी। उनकी यह टिप्पणी हिरासत में महसा अमिनी की मौत की दूसरी बरसी के मौके पर आई है। इस दौरान पेजेशकियन ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ऑनलाइन, खासकर सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों को कम करने के लिए काम कर रही है।
इब्राहिम रायसी की मई में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद पेजेशकियन ने उनकी जगह जुलाई में पदभार संभाला था। पदभार संभालने के बाद पेजेशकियन ने महसा अमिनी की दूसरी बरसी के मौके पर अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा, 'नैतिकता पुलिस को महिलाओं का सामना नहीं करना चाहिए था। मैं कार्रवाई करूंगा ताकि वे उन्हें परेशान न करें।'
इस मौके पर पेजेशकियन ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ ईरान के खराब संबंधों और 2015 के परमाणु समझौते सहित अन्य विषयों पर भी संक्षेप में बात की। उन्होंने कहा, 'अगर अमेरिका हमारे अधिकारों का सम्मान करता है तो हम उसके साथ लड़ना नहीं चाहते। हम अमेरिका के शत्रु नहीं हैं। हमने उनके देश के आसपास सैन्य अड्डे नहीं बनाए हैं।'
पेजेशकियन ने कहा, 'हम परमाणु हथियार नहीं मांग रहे हैं। हमने परमाणु समझौते की रूपरेखा का सम्मान किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने समझौते को तोड़ दिया और हमें कुछ करने के लिए मजबूर किया।'
बता दें कि 22 वर्षीय महसा अमिनी की 16 सितंबर, 2022 को पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। नैतिकता पुलिस ने उसे महिलाओं के लिए इस्लामी गणतंत्र के सख्त ड्रेस कोड के कथित उल्लंघन के लिए तेहरान में गिरफ्तार किया था। अमिनी की मौत के बाद पूरे देश में महीनों तक विरोध प्रदर्शन चला, जिसमें दर्जनों सुरक्षाकर्मियों सहित सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया।
अमिनी ने अपने चुनाव अभियान के दौरान अनिवार्य हिजाब हेडस्कार्फ को लागू करने के साथ-साथ लंबे समय से चले आ रहे इंटरनेट प्रतिबंधों को कम करने वाली पुलिस गश्ती का पूरी तरह से विरोध करने की कसम खाई थी। उनकी मौत के बाद शुरू हुए प्रदर्शनों के चलते कठोर प्रतिबंध लागू किए गए थे।
बता दें कि ईरान ने वर्षों से इंटरनेट के उपयोग को सख्ती से नियंत्रित किया है, फेसबुक और एक्स जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को प्रतिबंधित किया है।