आर्मेनिया में मौजूद ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि तुलसी गबार्ड ने कई बार ईरान को लेकर ऐसी सच्ची बातें कहीं, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पसंद नहीं थीं।
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (डीएनआई) तुलसी गबार्ड के इस्तीफे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। खास बात यह रही कि ईरान ने तुलसी गबार्ड की खुलकर तारीफ की। आर्मेनिया में मौजूद ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि तुलसी गबार्ड ने कई बार ईरान को लेकर ऐसी सच्ची बातें कहीं, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पसंद नहीं थीं। ईरानी दूतावास ने अपने संदेश में गबार्ड के पति अब्राहम के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। पोस्ट में कहा गया कि गबार्ड ने कई मौकों पर अमेरिका के हित में काम किया, न कि इस्राइल के लिए। साथ ही ईरान ने ट्रंप प्रशासन को 'इस्राइल का प्रतिनिधि' तक बताया। इस बयान को लेकर अमेरिकी राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई है।
30 जून को अपने पद से इस्तीफा दे देंगी गबार्ड
दरअसल, ट्रंप ने पुष्टि की है कि तुलसी गबार्ड 30 जून को अपने पद से इस्तीफा दे देंगी। उन्होंने बताया कि गबार्ड के पति अब्राहम को हड्डियों के एक दुर्लभ कैंसर का पता चला है और इसी वजह से वह अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहती हैं। ट्रंप ने कहा कि गबार्ड ने प्रशासन में शानदार काम किया और उनकी कमी महसूस होगी। ट्रंप ने यह भी एलान किया कि वर्तमान प्रिंसिपल डिप्टी डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस एरोन लुकास को कार्यवाहक डीएनआई बनाया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अब्राहम जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।
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'परिवार इस समय उनकी पहली प्राथमिकता'
तुलसी गबार्ड ने भी अपना इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में अपने पति के साथ रहना उनके लिए सबसे जरूरी है। गबार्ड ने लिखा कि परिवार इस समय उनकी पहली प्राथमिकता है।
जेडी वेंस और लिंडसे ग्राहम ने की जमकर सराहना
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गबार्ड को देशभक्त बताते हुए कहा कि वह प्रशासन की एक महत्वपूर्ण सदस्य और उनकी करीबी मित्र रही हैं। उन्होंने कहा कि परिवार सबसे पहले आता है और वह गबार्ड तथा उनके पति के लिए प्रार्थना करेंगे। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी गबार्ड की सेवाओं की सराहना की और उनके परिवार के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टोंड ब्लैंच ने देश के लिए उनके योगदान और त्याग के लिए धन्यवाद कहा।
तुलसी गबार्ड ने अपने कार्यकाल में किए थे कई बदलाव
अपने कार्यकाल के दौरान तुलसी गबार्ड ने अमेरिकी खुफिया तंत्र में कई बड़े बदलाव किए। उन्होंने एजेंसी के आकार को कम करने, खर्च घटाने और खुफिया विभागों में चल रहे विविधता, समानता और समावेशन (डीईआई) कार्यक्रमों को खत्म करने जैसे फैसले लिए। उनके इन कदमों को लेकर अमेरिका में समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिले थे।