व्लादिमीर पुतिन, रूसी राष्ट्रपति
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी बंदरगाह बंदर अब्बास पर रसायन में हुए विस्फोट के बाद राहत व बचाव कार्य के लिए अपने जहाज भेजने का फैसला किया है। इस बीच, विस्फोट के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है, जबकि 800 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
रूस के आपातकाल मंत्रालय ने रविवार को बताया कि राष्ट्रपति पुतिन ने हताहतों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। मंत्रालय ने कहा कि ईरान की मदद के लिए अग्निशमन में विशेषज्ञता रखने वाला बेरीव बी-200 उभयचर विमान व इल्युशिन आईएल-76 सैन्य परिवहन विमान को भेजा जाएगा।
इस बीच, विस्फोट के कारण मरने वालों की संख्या 28 हो गई है। घायलों की संख्या 800 से अधिक बताई जा रही है। विस्फोट के कुछ घंटों बाद हेलिकॉप्टर आग पर काबू पाने के लिए पानी की बौछार करते नजर आए। यह विस्फोट ऐसे समय हुआ है, जब ईरान व अमेरिका ने तेहरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर तीसरे दौर की वार्ता के लिए ओमान में शनिवार को मुलाकात की थी।
ईरान में किसी ने भी यह नहीं कहा कि यह विस्फोट किसी हमले के परिणामस्वरूप हुआ है। एक सुरक्षा कंपनी ने बताया कि बंदरगाह पर कथित तौर पर मिसाइल ईंधन के लिए रसायन लाया गया था। निजी सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने कहा कि बंदरगाह पर मार्च में सोडियम परक्लोरेट रॉकेट ईंधन की खेप आई थी। यह ईंधन चीन से दो जहाजों द्वारा ईरान भेजी गई खेप का हिस्सा है। इस ईंधन का उपयोग ईरान में मिसाइल भंडार को पुन: स्थापित करने के लिए किया जाना था, जो गाजा पट्टी में हमास के साथ युद्ध के दौरान इस्राइल पर सीधे हमलों के कारण समाप्त हो गया था।