ईरान ने इटली को लेकर एक मजाकिया कूटनीतिक पोस्ट कर वैश्विक स्तर पर ध्यान खींचा है। मेलोनी और ट्रंप के बीच कथित मतभेद के बीच ईरान ने खुद को इटली का नया सहयोगी बताने का प्रस्ताव दिया। इस ट्रोल कूटनीति ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी और ईरान की सॉफ्ट पावर रणनीति को भी उजागर किया।
पश्चिम एशिया की तनातनी और वैश्विक राजनीति के बीच ईरान ने एक अनोखे अंदाज में कूटनीति दिखाई है। इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के बीच कथित मतभेद के बाद ईरान के एक राजनयिक पोस्ट ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। इस पोस्ट को ट्रोल कूटनीति कहा जा रहा है।
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क्या है पूरा मामला?
ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक मजाकिया जॉब एप्लिकेशन पोस्ट किया। इसमें इटली को नया सहयोगी बनने का प्रस्ताव दिया गया। पोस्ट में दावा किया गया कि इटली की प्रधानमंत्री द्वारा शांति और पोप के समर्थन के बाद अमेरिका से दूरी बढ़ी है। इसी पर तंज कसते हुए ईरान ने खुद को विकल्प के रूप में पेश किया और लिखा कि हम इस खाली जगह के लिए आवेदन करना चाहते हैं।
क्या कहा गया पोस्ट में?
ईरान ने अपने योग्यता गिनाते हुए 7000 साल पुरानी सभ्यता, संस्कृति, कविता और खान-पान का जिक्र किया। साथ ही ट्रंप पर कटाक्ष करते हुए उन्हें कमांडर इन ग्रीफ कहा गया। पोस्ट में यह भी कहा गया कि ईरान और इटली के बीच केवल आइसक्रीम के आविष्कार को लेकर मजाकिया ठंडी जंग रही है, जिसमें फालूदा और जेलाटो का जिक्र किया गया।
सोशल मीडिया पर कैसी प्रतिक्रिया आई?
इस पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ यूजर्स ने इसे बेहद रचनात्मक और मजेदार बताया, तो कुछ ने इतिहास और सभ्यता को लेकर बहस छेड़ दी। कई लोगों ने इसे गले लगाने वाली कूटनीति का नया रूप बताया, जहां सख्त राजनीति के बीच हल्के अंदाज में संदेश दिया गया।
कहा जा रहा हैं कि यह पोस्ट केवल मजाक नहीं, बल्कि सॉफ्ट पावर दिखाने की कोशिश भी है। ईरान ने इस तरह के संदेश से अपनी छवि को सकारात्मक और सांस्कृतिक रूप में पेश करने का प्रयास किया है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि बदलते वैश्विक समीकरणों में देश अब पारंपरिक कूटनीति के साथ नए तरीके भी अपना रहे हैं।