ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं, लेकिन ईरानी सरकार ने इस बीच एक अप्रत्याशित कदम उठाया है और अंतरराष्ट्रीय कॉल्स पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। हालांकि इंटरनेट पर अभी भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स ने ये दावा किया है। एपी की रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार को उनके विभिन्न कार्यालयों को ईरान से फोन आए। बताया गया कि ईरान के लोगों ने एपी के दुबई ब्यूरो को कॉल कर हालात की जानकारी दी। इससे पहले ईरान के लोग ऐसा नहीं कर पा रहे थे। हालांकि इंटरनेट द्वारा ईरान का अभी भी दुनिया से संपर्क कटा हुआ है।
ईरान की सरकार का फैसला चौंकाने वाला
ईरान का यह फैसला बेहद चौंकाने वाला है क्योंकि अभी भी ईरान में विरोध प्रदर्शन चरम पर हैं। 28 दिसंबर को शुरू हुए इन विरोध प्रदर्शन में अभी तक 600 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) के मुताबिक पूरे देश में फैले इस आंदोलन में कम से कम 646 लोगों की जान जा चुकी है और इस संख्या के और बढ़ने की आशंका है।
9 जनवरी से इंटरनेट और टेलीफोन सेवा पर थी पाबंदी
ईरान में 7 जनवरी के बाद हालात अचानक बदल गए और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। निर्वासित युवराज रजा पहलवी की प्रदर्शनकारियों से अपील के बाद ईरान में हिंसा भड़क गई। जिसके बाद ईरान प्रशासन ने 9 जनवरी को इंटरनेट और टेलीफोन सेना पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी।
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अमेरिका ने ईरान पर कसा शिकंजा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा, 'ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को तत्काल प्रभाव से अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी प्रकार के व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देना होगा।' डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आदेश को अंतिम और निर्णायक बताया। पहले से ही हिंसा और आर्थिक संकट से घिरे ईरान के लिए ट्रंप सरकार का नया कदम खतरनाक साबित हो सकता है।