ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच विश्व की प्रमुख शक्तियों ने मंगलवार को वियना में 2015 के अहम परमाणु समझौते को बचाने के लिए हरसंभव कोशिश करने का संकल्प लिया। बैठक में ईरान के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। अमेरिका की तरफ से ईरान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को फिर से लागू किए जाने की घोषणा के बाद यह पहली बैठक थी।
यूरोपीय संघ की प्रतिनिधि और बैठक की अध्यक्षता कर रहीं हेल्गा स्किम्ड ने ट्वीट किया, बैठक में शामिल हुईं दुनिया की शक्तियां ईरान परमाणु समझौते को बनाए रखने के लिए एकजुट हैं। वे मौजूदा चुनौतियों के बीच समझौते के अनुपालन के लिए रास्ता तलाश रहे हैं।
बैठक में शामिल हुए ईरानी प्रतिनिधि अब्बास अराघची ने बैठक के बाद तो कुछ नहीं कहा। हालांकि, बैठक से पहले उन्होंने कहा था कि फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, रूस और चीन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में अमेरिकी रुख पर निश्चित रूप से चर्चा की जाएगी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका को 2018 में अलग कर लिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि यह एक बुरा सौदा है और इस पर फिर से बातचीत करने की आवश्यकता है। यह समझौता 2015 तत्कालीन अमेरिका राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुआ था।
इसके तहत ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना था, जिसके बाद उसके अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट दी जानी थी। इस परमाणु समझौते में फ्रांस, ब्रिटेन, रूस, चीन और जर्मनी भी शामिल हैं।