फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पश्चिम एशिया: ईरान ने शुरू किया 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' का 83वां चरण, इस्राइल के ठिकानों पर मिसाइलों की बारिश

Fri, 27 Mar 2026 12:09 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध अब तक के सबसे भीषण दौर में पहुंच गया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' के तहत 83वें चरण के हमले शुरू कर दिए हैं। अब ईरान इस्राइल के तेल डिपो और कुवैत-बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है। यह हमला ईरानी नौसेना प्रमुख की मौत का बदला बताया जा रहा है।
 
विज्ञापन
ईरान-इस्राइल जंग। - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम एशिया की धरती एक बार फिर दहक उठी है। ईरान ने शुक्रवार तड़के भीषण हमले कर यह साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने के मूड में नहीं है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' के तहत 83वां चरण शुरू कर दिया है। इस बार ईरानी सेना ने न केवल इस्राइल को चोट दी है, बल्कि खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है।
विज्ञापन


अशदोद के तेल डिपो पर प्रहार
न्यूज एजेंसी एएनआई ने ईरानी मीडिया के हवाले से जानकारी दी है कि आईआरजीसी ने आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स के जरिए इस्राइल के अशदोद में तेल डिपो को निशाना बनाया है। हमले के बाद वहां आग लगने की बात कही जा रही है। इसके अलावा, इस्राइल के सैन्य ठिकानों पर भी सटीक हमले किए गए हैं। 

ईरान के निशाने पर खाड़ी स्थित अमेरिकी एयरबेस
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ईरान ने सीधे अमेरिकी अड्डों को अपना निशाना बनाया है। कुवैत के अली अल-सलेम एयरबेस और बहरीन के शेख ईसा बेस पर ईरानी मिसाइलें गिरी हैं। बताया जा रहा है कि बहरीन में पैट्रियट मिसाइल सिस्टम के रिपेयर हैंगर और जेट फ्यूल टैंकों को भारी नुकसान पहुंचा है। कुवैत और यूएई के अल-धाफरा बेस पर भी ईरानी ड्रोन्स ने सैन्य साजो-सामान को निशाना बनाया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: The Bonus Market Update: लाल निशान पर खुला घरेलू बाजार; सेंसेक्स 1075 अंक गिरा, निफ्टी 23000 के नीचे

नौसेना प्रमुख की मौत का प्रतिशोध
पिछले दिनों नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसिरी की मौत के बाद ईरान भड़क उठा है। इस्राइली हमले में तंगसिरी की मौत हुई थी। बताया जा रहा है कि ईरान इसी का प्रतिशोध ले रहा है। 28 फरवरी 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद शुरू हुआ यह युद्ध अब वैश्विक संकट बन चुका है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया है।
विज्ञापन


इसका नतीजा यह हुआ है कि पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई ठप होने का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि,अमेरिका ने 6 अप्रैल तक तेल डिपो पर हमले न करने की बात कही है, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके उलट दिख रही है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों की माने तो अगर यह सिलसिला नहीं रुका, तो आने वाले दिनों में तेल गैस की भारी किल्लत हो सकती है। 


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें