इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ युद्धविराम समझौते के बाद कहा कि ईरान के खिलाफ लड़ाई में लागू दो सप्ताह का युद्धविराम युद्ध का अंत नहीं है बल्कि यह एक पड़ाव है। उन्होंने कहा कि इस्राइल अपने सभी युद्ध लक्ष्यों को हासिल करेगा, जिनमें तेहरान के संवर्धित यूरेनियम का मुद्दा भी शामिल है। इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच शर्तों के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनी थी, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को नौवहन के लिए खोलना भी शामिल था।
'ईरान को परमाणु सामग्री छोड़नी ही पड़ेगी'
नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'अगर हमने ऑपरेशन गिदोन की तलवार और ऑपरेशन लायन रोअर शुरू नहीं किए होते, तो ईरान अब तक परमाणु हथियार और हजारों मिसाइलें हासिल कर चुका होता, जो इस्राइल को नष्ट करने और हमारे अस्तित्व के लिए खतरा बनतीं।' उन्होंने कहा, 'हमने ईरान के आतंकी शासन को कई वर्षों पीछे धकेल दिया है। संवर्धित परमाणु सामग्री ईरान को छोड़नी पड़ेगी फिर चाहे ये समझौते के जरिए हो या फिर युद्ध के जरिए। इस मुद्दे पर इस्राइल और अमेरिका पूरी तरह एकमत हैं।'
'हमारी ऊंगली ट्रिगर पर ही है'
इस्राइली प्रधानमंत्री ने यह भी साफ किया कि उनका देश किसी भी समय फिर से युद्ध शुरू करने के लिए तैयार है और हमारी उंगली ट्रिगर पर है। विपक्ष के आरोपों कि सरकार युद्ध के लक्ष्य हासिल करने में विफल रही और अमेरिका के दबाव में युद्धविराम स्वीकार किया, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नेतन्याहू ने कहा कि युद्धविराम का फैसला वॉशिंगटन के साथ समन्वय में लिया गया था।
उन्होंने कहा, 'अस्थायी युद्धविराम का फैसला इस्राइल के साथ तालमेल में हुआ। अमेरिकियों ने हमें अंतिम समय में चौंकाया नहीं।' नेतन्याहू ने दोहराया कि अभी कई लक्ष्य बाकी हैं, खासकर ईरान के संवर्धित यूरेनियम का मुद्दा, जिसे कूटनीति या बलपूर्वक, किसी भी जरिए से हल किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'यह युद्ध का अंत नहीं, बल्कि सभी लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में एक पड़ाव है।'
'लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ जारी रहेगी सैन्य कार्रवाई'
नेतन्याहू ने दावा किया कि इस्राइल ने ईरान की मिसाइलों के साथ-साथ उन्हें बनाने की क्षमता को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। नेतन्याहू ने लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने की बात कही और दावा किया कि हालिया हमलों में इस संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है। बुधवार को युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही मध्य बेरूत के कई व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों पर इस्राइली हमले हुए, जिनमें 100 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है।