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ईरान की खुफिया जानकारी पर थी नजर: आईआरजीसी ने समुद्र से पकड़ा अमेरिकी जासूस, वीडियो शेयर कर क्या कहा?

Mon, 28 Sep 2026 11:07 AM IST
देवेश त्रिपाठी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

ईरान की आईआरजीसी नौसेना ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी रेमस 600 मानवरहित अंडरवॉटर वाहन को पकड़ लिया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, उपकरण का इस्तेमाल जासूसी के लिए किया जा रहा था और अब विशेषज्ञ इसके डेटा का विश्लेषण करेंगे।
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अमेरिका से टकराव के बीच ईरान का बड़ा दावा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका का दूसरा अत्याधुनिक मानवरहित अंडरवॉटर व्हीकल रेमस 600 पकड़ लिया है। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी की रविवार को प्रसारित रिपोर्ट के मुताबिक, यह अभियान ईरानी सैन्य अधिकारियों ने रणनीतिक जलमार्ग में सक्रिय “अमेरिकी आतंकवादी सेना की दूसरी सबमरीन” के खिलाफ चलाया गया।
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आईआरजीसी ने कहा कि यह कार्रवाई सैन्य खुफिया और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं से जुड़े “समन्वित और जटिल अभियान” के जरिए की गई। बयान में कहा गया, “सर्वशक्तिमान ईश्वर की मदद से आईआरजीसी नौसेना के जवानों ने खुफिया और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के साथ एक समन्वित और जटिल अभियान के जरिए अमेरिकी आतंकवादी सेना के एक अत्याधुनिक यूएवी को फंसा लिया, जो जासूसी के उद्देश्य से होर्मुज जलडमरूमध्य में सक्रिय था।”

आईआरजीसी ने कैसे पकड़ा अमेरिका का जासूस?
आईआरजीसी नौसेना ने पकड़े गए उपकरण की पहचान रेमस 600 के रूप में की है। यह एक स्वायत्त मानवरहित अंडरवॉटर वाहन है। ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि इसका इस्तेमाल जलडमरूमध्य के भीतर जासूसी अभियान के लिए किया जा रहा था।
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बयान में कहा गया, “यह सबमर्सिबल रेमस 600 नाम का एक बुद्धिमान और अत्याधुनिक सबमर्सिबल है, जिसे आईआरजीसी नौसेना ने पकड़ लिया है और अब यह बल के विशेषज्ञों के हाथ में है, जो इसकी जानकारी हासिल करेंगे।” आईआरआईबी के मुताबिक, पकड़े गए वाहन को विशेषज्ञ सैन्य तकनीशियनों को सौंप दिया गया है। ये तकनीशियन सिस्टम का विश्लेषण करेंगे और उसमें मौजूद डेटा हासिल करेंगे।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान का कड़ा रुख
आईआरजीसी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात को लेकर अपना रुख दोहराते हुए कहा कि जलमार्ग बंद है। उसने यह भी चेतावनी दी कि अनधिकृत यातायात के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। बयान में कहा गया, “आईआरजीसी नौसेना दृढ़ता से घोषणा करती है कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और हम होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए खतरनाक गतिविधियों और अनधिकृत यातायात के खिलाफ मजबूत और लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।”

ईरान ने पीछे नहीं हटने का संकेत दिया
यह दावा ऐसे समय आया है जब ईरानी नेता अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी टकराव में पीछे नहीं हटने का संकेत दे रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार को कहा कि तेहरान अपने रुख पर कायम रहेगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिन के युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से लौटने के बाद एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए पेजेश्कियान ने कहा था, “हम मजबूती के साथ डटे हुए हैं, हम अपने लोगों की सेवा में हैं, हम अपनी आखिरी सांस तक खड़े रहेंगे और हम वादा करते हैं कि जब तक हमारे शरीर में जीवन है, हम लोगों के ईमानदार सेवक बने रहेंगे; आपने हमें शर्मिंदा किया है, मैं खुद को आपकी मौजूदगी के योग्य नहीं मानता, मैं आपका सेवक हूं।”

ईरान ने रखा था सात दिन में युद्धविराम लागू करने का प्रस्ताव
पेजेश्कियान और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इससे पहले विश्व नेताओं की संयुक्त राष्ट्र बैठक में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका गए थे। वहां तेहरान ने लड़ाई खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के उद्देश्य से सात दिन का रोडमैप प्रस्तावित किया था।
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प्रस्ताव के तहत अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी हटानी थी, ईरान के तेल निर्यात पर प्रतिबंधों में छूट देनी थी और अनुमानित 12 अरब डॉलर की जमा ईरानी संपत्तियों को जारी करना था। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र, जिसमें लेबनान और यमन भी शामिल हैं, में युद्धविराम लागू करना था।

इसके बदले ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलता। सातवें दिन तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ अंतिम समझौते पर बातचीत शुरू की जानी थी। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
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