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ईरान की अमेरिका को दो-टूक: रवैया बदलो तभी खुलेगा होर्मुज; पड़ोसी देशों को दी धमकी, क्या-क्या कहा?

Sun, 23 Aug 2026 07:15 AM IST
निर्मल कांत एएनआई, तेहरान।

सार

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान ने अमेरिका को साफ कहा कि जब तक वह अपना रवैया नहीं बदलता, तब तक यह रणनीति जलमार्ग नहीं खुलेगा। उन्होंने पड़ोसी देशों को भी चेताया कि अमेरिका के आर्थिक अभियान में शामिल हुए तो ईरान उन्हें दुश्मन मानेगा और तेल निर्यात के रास्ते रोक सकता है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने क्या-क्या कहा, इस रिपोर्ट में पढ़िए-
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मोहसिन रेजाई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
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ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) के सचिव मोहसिन रेजाई ने शनिवार (स्थानीय समय) को दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है। उन्होंने कहा कि अमेरिका जब तक अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं करता और अपना रवैया नहीं बदलता, तब तक इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा।
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समाचार एजेंसी आईआरआईबी को दिए इंटरव्यू में रेजाई ने कहा, अमेरिका के दावों के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है। अमेरिका का रवैया ठीक करने तक यह नहीं खुलेगा। उन्होंने आगे कहा, इस बार अमेरिका को पहले अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी।

अमेरिका की रणनीति पर क्या बोले रेजाई?
रेजाई ने आरोप लगाया कि वाशिंगटन ने सैन्य विकल्पों की उम्मीद छोड़ दी है। अब वह ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने पर निर्भर है। उन्होंने कहा, सैन्य हमलों से अमेरिकी पूरी तरह निराश हैं। उन्हें लगता है कि आर्थिक नाकेबंदी के जरिये सैन्य कार्रवाई में मदद की जा सकती है। 
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उन्होंने दावा किया कि इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भरोसा दिलाया है कि आर्थिक नाकेबंदी से ईरान आत्मसमर्पण कर देगा। रेजाई ने कहा, नेतन्याहू ने ट्रंप से वादा किया है कि अगर वह ईरान पर छह महीने या दो से तीन महीने तक आर्थिक नाकेबंदी लगाते हैं, तो ईरान आत्मसमर्पण कर देगा। 

रेजाई ने यह भी दावा किया कि अमेरिका अपने सहयोगियों की मदद पर निर्भर है। उन्होंने कहा, ट्रंप अकेले हैं और उन्हें नाटो और अपने सहयोगियों की मदद चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान ने प्रतिबंधों से बचने के तरीके विकसित कर लिए हैं। इससे वह तेल बेचता रह सकता है। उन्होंने कहा, ईरान ने वर्षों के दौरान प्रतिबंधों से बचना और तेल बेचना सीख लिया है। 

ईरान युद्ध खत्म करना चाहता है?
रेजाई ने दोहराया कि ईरान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को खत्म करना चाहता है। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध चाहने वालों के खिलाफ खड़ा है। उन्होंने कहा, ईरान पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करना चाहता है और दुनिया के युद्ध भड़काने वालों के खिलाफ खड़ा है।

रेजाई ने कहा, हर घर आर्थिक युद्ध शुरू करने की जगह बन सकता है। उन्होंने आगे कहा, ईरानी युवाओं को अर्थव्यवस्था में उतरना चाहिए। हर मोहल्ला आर्थिक युद्ध के लिए मिसाइल बेस बन सकता है। रेजाई ने अमेरिका की आर्थिक चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप के राष्ट्रपति रहने के दौरान अमेरिका का कर्ज बढ़ा है।

होर्मुज पर अधिकार को लेकर क्या कहा?
रेजाई ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को संभालने का अधिकार ईरान के पास है। उन्होंने इसके लिए फारस की खाड़ी में ईरान की लंबी तटरेखा का हवाला दिया। उन्होंने कहा, फारस की खाड़ी के 50 प्रतिशत से ज्यादा तट पर ईरान का अधिकार है। इसलिए होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन हमें ही करना चाहिए। 

उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अपना बचाव करेगा। वह अमेरिका को ईरानी क्षेत्र तक पहुंचने की अनुमति नहीं देगा। रेजाई ने कहा, हम पूरी ताकत से ईरान की रक्षा करेंगे और अमेरिकियों को ईरान तक पहुंचने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने आगे कहा, मैं अमेरिकियों को सलाह देता हूं कि वे और सैनिक न भेजें, क्योंकि हम उन्हें हरा देंगे। 

पड़ोसी देशों को क्या चेतावनी दी?
एसएनएससी के सचिव रेजाई ने पड़ोसी देशों को अमेरिका के साथ आर्थिक अभियान में शामिल होने को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर पड़ोसी देश तेहरान के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक अभियान में शामिल होते हैं, तो ईरान उन्हें दुश्मन मानेगा।

इंटरव्यू में रेजाई ने कहा, हम आसपास के सभी देशों से कह रहे हैं कि वे अमेरिका के साथ आर्थिक युद्ध में शामिल न हों। वरना हम उन्हें दुश्मन मानेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान तनाव बढ़ाना नहीं चाहता। लेकिन अगर पड़ोसी देश वाशिंगटन के आर्थिक दबाव वाले कदमों का समर्थन करते हैं, तो तेहरान जवाब देगा।

रेजाई ने कहा, हम युद्ध को बढ़ाना नहीं चाहते। लेकिन अगर ईरान के आसपास के देश अमेरिका के साथ आर्थिक युद्ध में शामिल होते हैं, तो हम उनके हितों को नुकसान पहुंचाएंगे। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि अगर क्षेत्रीय देश अमेरिका के अभियान में शामिल होते हैं, तो ईरान फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल का निर्यात रोक सकता है।

रेजाई ने कहा, अगर ईरान के आसपास के देश अमेरिका के साथ आर्थिक युद्ध में शामिल होते हैं, तो फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की एक बूंद भी बाहर नहीं जाएगी।  उन्होंने कहा कि ईरान उन दूसरे रास्तों को भी निशाना बनाएगा, जिनसे फारस की खाड़ी से तेल का निर्यात होता है।

ट्रंप ने शुरू किया 'इकोनॉमिक डी-डे' अभियान
रेजाई का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ 'इकोनॉमिक डी-डे' अभियान की घोषणा के बाद आया है। ट्रंप ने इसे 'किसी भी देश के खिलाफ अब तक चलाया गया सबसे बड़ा आर्थिक अभियान' बताया है। उन्होंने अमेरिका के सहयोगी देशों से भी वाशिंगटन के साथ खड़े होने और ईरान को अलग-थलग करने की अपील की है।

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ट्रंप ने कहा कि नए कदम ईरान की अर्थव्यवस्था की अहम कड़ियों को निशाना बनाएंगे। इनमें तेल की तस्करी करने वाले नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन, एक्सचेंज हाउस, जहाजों के रजिस्ट्रेशन और दूसरी कंपनियां शामिल हैं।

ट्रंप ने परमाणु सुरक्षा के बजाय  'परमाणु असुरक्षा' पैदा की: रेजाई
मोहसिन रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर लगाया कि उन्होंने दुनिया में परमाणु सुरक्षा मजबूत करने के बजाय 'परमाणु असुरक्षा' पैदा कर दी है। रेजाई ने दावा किया कि तेहरान के खिलाफ वाशिंगटन की कार्रवाई से दूसरे देशों में परमाणु हथियार हासिल करने की इच्छा बढ़ी है।

उन्होंने कहा, परमाणु सुरक्षा के बजाय ट्रंप ने परमाणु असुरक्षा पैदा कर दी है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु नियमों का पालन किया है। ईरान परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाली संधि यानी एनपीटी का सदस्य बना हुआ है। रेजाई ने कहा कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नियमों के तहत निरीक्षण की अनुमति भी दी है।
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उन्होंने कहा, ईरान पर हमला करने में ट्रंप की मूर्खता ने दुनिया में परमाणु बम की इच्छा बढ़ा दी है। खासकर तब, जब दूसरे देशों ने देखा कि परमाणु ऊर्जा संगठन और एनपीटी की सदस्यता अमेरिकी हमले को रोकने में बेअसर रही। उन्होंने कहा, ईरान ने सभी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नियमों को माना है और लागू किया है। वह एनपीटी का सदस्य बना और उसने निरीक्षण भी करवाया है।
 
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