ईरान की तरफ से 60% तक संवर्धित यूरेनियम का भंडार बढ़ाना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। जो साथ ही यह दर्शता है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के और करीब है। ऐसे में आईएईए और पश्चिमी देशों की निगाहें अब ईरान के अगले कदम और अमेरिका से संभावित समझौते पर टिकी हुई हैं।
ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को और बढ़ा दिया है, जो अब लगभग परमाणु हथियार बनाने के स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है। यह खुलासा संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी (आईएईए) की एक गोपनीय रिपोर्ट में हुआ है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब ईरान और अमेरिका के बीच एक नए परमाणु समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समझौते को करवाने की कोशिश कर रहे हैं।
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कितनी मात्रा में है खतरनाक यूरेनियम?
आईएईए की रिपोर्ट के अनुसार, 17 मई 2025 तक ईरान के पास 60% तक संवर्धित 408.6 किलोग्राम यूरेनियम जमा हो गया है। फरवरी की पिछली रिपोर्ट में यह मात्रा 274.8 किलोग्राम थी। यानी पिछले कुछ महीनों में इसमें 133.8 किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। बता दें कि, 60% संवर्धन हथियार-स्तर (90%) से थोड़ा ही कम होता है। इस स्तर तक पहुंचना तकनीकी रूप से आसान है, जिससे परमाणु बम बनाना संभव हो सकता है।
परमाणु निगरानी एजेंसी ने क्या जताई चिंता?
आईएईए के प्रमुख राफेल मारीआनो ग्रोसी ने फिर दोहराया है कि ईरान 'एकमात्र ऐसा देश है जो परमाणु हथियार नहीं होने के बावजूद इतने उच्च स्तर तक यूरेनियम संवर्धित कर रहा है।' उन्होंने ईरान से तुरंत सहयोग करने और जांच में पूरी तरह साथ देने की अपील की है।
ईरान ने क्या दी प्रतिक्रिया?
वहीं ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के साथ किसी तात्कालिक समझौते की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते में यह शर्त होनी चाहिए कि ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध पूरी तरह हटाए जाएं और उसका परमाणु कार्यक्रम निर्बाध रूप से चलता रहे।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच बातचीत
इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि उन्होंने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा है कि वे ईरान पर हमला करने में जल्दबाजी न करें और अमेरिका को नए समझौते के लिए समय दें। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, 'मुझे अब भी लगता है कि समझौता बहुत जल्द हो सकता है।' उन्होंने आगे कहा, 'ईरान नहीं चाहता कि उस पर बम गिराए जाएं। वे समझौता करना पसंद करेंगे।' ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि समझौता बगैर युद्ध के हो जाए, तो यह पूरे मध्य पूर्व के लिए बहुत अच्छी बात होगी।