हाल के दिनों में दक्षिण चीन सागर से यूएसएस अब्राहम लिंकन मंगलवार तक मलक्का जलडमरूमध्य से गुजर चुका था। ये दक्षिण चीन सागर और हिंद महासागर को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है। नाम न बताने की शर्त पर एक अमेरिकी नौसेना अधिकारी ने कहा कि विमानवाहक पोत और उसके साथ मौजूद तीन विध्वंसक पोत पश्चिम की ओर बढ़ रहे थे।
ईरान में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के दमन के बाद विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुधवार को अमेरिका को सीधी धमकी दे डाली। अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि अगर हम पर फिर से हमला किया गया तो इस्लामी गणराज्य अपने पास मौजूद हर चीज से जवाबी कार्रवाई करेगा।
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ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याओं की वजह से अब्बास अराघची का दावोस में विश्व आर्थिक मंच का निमंत्रण हत्याओं के कारण रद्द कर दिया गया था। अराघची की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब अमेरिकी विमानवाहक पोतों का एक समूह एशिया से पश्चिम की ओर मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है।
क्यों भड़के ईरानी विदेश मंत्री अराघची?
रिपोर्ट के मुताबिक कैरिबियाई क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती के बाद अब लड़ाकू विमान और अन्य उपकरण मध्य पूर्व में स्थानांतरित होते दिख रहे हैं। अराघची ने वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित एक लेख में यह धमकी दी। विदेश मंत्री ने अपने लेख में कहा, 'जून 2025 में ईरान की ओर से दिखाए गए संयम के विपरीत अगर हम पर दोबारा हमला होता है तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं जवाबी कार्रवाई करने में जरा भी संकोच नहीं करेंगी।' उन्होंने जून में इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए 12 दिवसीय युद्ध का जिक्र किया।
'मुझे जंग से नफरत, लेकिन', बोले ईरानी विदेश मंत्री
उन्होंने कहा, 'यह कोई धमकी नहीं, बल्कि एक वास्तविकता है जिसे मैं स्पष्ट रूप से व्यक्त करना जरूरी समझता हूं, क्योंकि एक राजनयिक और अनुभवी सैनिक के रूप में मैं जंग से नफरत करता हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'एक व्यापक टकराव निश्चित रूप से भयंकर होगा और इस्राइल और उसके समर्थकों की ओर से व्हाइट हाउस को बताई जा रही काल्पनिक समयसीमाओं से कहीं अधिक समय तक चलेगा।'
अमेरिकी ठिकानों पर बना सकता है निशाना
अराघची ने कहा, 'यह निश्चित रूप से व्यापक क्षेत्र को अपनी चपेट में लेगा और दुनिया भर के आम लोगों पर इसका प्रभाव पड़ेगा।' अराघची की टिप्पणियां संभवतः ईरान की कम और लंबी दूरी की मिसाइलों से जुड़ी हैं। इस्लामिक गणराज्य ने युद्ध में इस्राइल को निशाना बनाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। कम दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।