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पश्चिम एशिया संकट: सुलह की कोशिश करा रहे पाकिस्तान को ईरान ने दिखाया आईना, कहा- यूएस की शर्त मानने लायक नहीं

Mon, 30 Mar 2026 06:39 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

ईरान ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका के साथ कोई सीधी वार्ता नहीं हो रही है और केवल मध्यस्थों के जरिये अव्यवहारिक मांगें भेजी जा रही हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी कूटनीति लगातार बदलती रहती है, लेकिन ईरान का रुख पर कायम है। पढ़िए रिपोर्ट-
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ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई हमानेह - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई हमानेह ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका के साथ कोई सीधे बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, केवल मध्यस्थों के जरिये अव्यवहारिक और अत्यधिक मांगों के संदेश आ रहे हैं और ईरान स्पष्ट रूप से इसका खंडन करता है। 
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उन्होंने कहा, अमेरिकी 'कूटनीति' लगातार बदलती रहती है, लेकिन हमारा रुख स्पष्ट है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का मंच उनका अपना है और ईरान ने उसमें भाग नहीं लिया। उन्होंने कहा, क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने की अपील स्वागत योग्य है, लेकिन यह याद रखना चाहिए कि इस संघर्ष की शुरुआत किसने की थी।
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ईरान ने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जब पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र जैसे देशों के प्रतिनिधि मिलकर वार्ता का प्रयास कर रहे हैं ताकि युद्ध को खत्म किया जा सके, लेकिन अब भी प्रत्यक्ष वार्ता नहीं हो पाई है।

ट्रंप की ईरान को खर्ग द्वीप पर हमले की चेतावनी
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज फिर ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, अमेरिका, ईरान में अपने सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए एक और अधिक समझदार शासन के साथ गंभीरता से बातचीत कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि इस दिशा में काफी प्रगति हुई है। लेकिन अगर किसी भी वजह जल्द ही कोई समझौता नहीं हो पाता है (जिसकी बहुत अधिक संभावना है)और अगर होर्मुजलडमरूमध्य व्यापार के लिए नहीं खुलता है, तो हम उनके सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल कुओं और खर्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर देंगे, जिन्हें हमने जानबूझकर अभी तक छुआ नहीं है। उन्होंने लिखा, यह उन असंख्य सैनिकों और अन्य लोगों का बदला होगा, जिन्हें ईरान ने पिछले शासन के 47 वर्षों के आतंक के दौरान बेरहमी से मार डाला था। इस मामले पर ध्यान देने के धन्यवाद। 

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