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खामेनेई की दो टूक: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाना चाहते हैं ट्रंप? ईरान ने अमेरिका को फिर चेताया; आरोप भी लगाए

Sun, 18 Jan 2026 05:24 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

क्या बयानबाजी के इतर अब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और भयावह रूप ले सकता है? कारण है कि ईरान ने दो टूक अंदाज में अमेरिका के सारे दावों को खारिज कर दिया। ईरान ने अमेरिकी दावों को बेबुनियाद करार दिया कि वह अमेरिकी ठिकानों पर हमले की तैयारी कर रहा है।

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डोनाल्ड ट्रंप और अली खामेनेई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन और उसमें अमेरिकी दखल पूरे पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल है। ऐसे में अब ईरान ने अमेरिका के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि ईरान अमेरिकी ठिकानों पर हमले की तैयारी कर रहा है। ईरान का कहना है कि अमेरिका जानबूझकर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। यह जानकारी ईरान के सरकारी टीवी चैनल प्रेस टीवी ने दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने शनिवार को कहा कि अमेरिका की ओर से लगाए गए ये आरोप बेबुनियाद हैं।

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उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह नीति रही है कि वह इस क्षेत्र में हालात को और बिगाड़े। बगाई का यह बयान उस समय आया, जब अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फारसी भाषा में एक पोस्ट कर दावा किया कि उसे ऐसी रिपोर्टें मिली हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के विकल्पों पर काम कर रहा है।

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ईरान की सफाई और चेतावनी
इस्माइल बगाई ने साफ कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान पर किसी तरह का हमला किया गया, तो उसका जवाब मजबूती और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा। बता दें कि इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में कहा था कि सभी विकल्प खुले हैं और अगर अमेरिकी ठिकानों पर हमला हुआ, तो उसका जवाब बहुत ही कड़ी ताकत से दिया जाएगा।

ईरान में हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने ईरान में आर्थिक समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो बाद में हिंसक हो गए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन प्रदर्शनों के दौरान तोड़फोड़ और अराजकता फैलाने के लिए अमेरिका और इजरायल से जुड़े लोगों के बयानों ने माहौल को और भड़काया। ईरान का आरोप है कि इस अशांति के दौरान विदेशी समर्थन प्राप्त लोगों ने कई शहरों में हमले किए, जिसमें सुरक्षा बलों के जवानों और आम नागरिकों की मौत हुई और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
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ईरान के सर्वोच्च नेता का बयान
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने शनिवार को कहा कि इन दंगों और तबाही के लिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वह मुख्य जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने कहा कि अशांति फैलाने वाले कुछ लोग ऐसे थे, जिन्हें अमेरिकी और इजरायली एजेंसियों ने पहचाना, प्रशिक्षित किया और भर्ती किया था। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी बाहरी दबाव या धमकी से नहीं डरेगा और अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।

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