ईरान ने सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर ड्रोन हमले के पीछे उसे जिम्मेदार ठहराने वाले अमेरिकी आरोपों को रविवार को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि अमेरिका इस्लामी गणराज्य के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई बहाना ढूंढ रहा था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसावी के हवाले से एक बयान में कहा गया, 'ऐसे निराधार और बिना सोचे-समझे लगाए गए आरोप एवं टिप्पणियां निरर्थक और समझ से परे हैं।' मूसावी ने कहा कि पूर्वी प्रांत के अब्कैक और खुरैस पर हुए हमलों को लेकर लगाए जा रहे आरोप, ईरान के खिलाफ कार्रवाई को उचित ठहराने के लिए हैं।
उन्होंने कहा, 'ऐसी टिप्पणियां... किसी देश की छवि खराब करने के लिए खुफिया संगठनों का कुचक्र रचने और भविष्य के कदमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए की गईं ज्यादा लगती हैं।' मूसावी ने कहा, ‘अमेरिकियों की नीति अधिकतम दबाव बनाने की है और विफलताओं के कारण वे अधिक से अधिक झूठ बोलने लगे हैं।‘
बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने शनिवार को हुए हमलों के बाद ईरान की निंदा की। इन हमलों में सऊदी अरब के करीब आधे तेल ठिकानों को निशाना बनाया गया। यमन के ईरान समर्थित शिया हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली लेकिन पोम्पिओ ने कहा, 'इस बात के कोई साक्ष्य नहीं हैं कि ये हमले यमन से हुए।'
धुर विरोधी ईरान और अमेरिका में पिछले साल मई से तनाव बढ़ा हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2015 में हुए एक सौदे से अमेरिका को बाहर कर लिया था। इस सौदे के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाने के बदले में उस पर लगे प्रतिबंधों में कुछ ढील देने का वादा किया गया था।