ईरान ने एक बार फिर अपनी सैन्य क्षमता को लेकर बड़ा दावा किया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि उनके बलों ने करीब 180 ड्रोन को निष्क्रिय किया और अमेरिकी F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट को भी निशाना बनाया। उन्होंने इसे कोई एक बार की घटना नहीं बताते हुए कहा कि यह ईरान की तकनीकी और रणनीतिक क्षमता का उदाहरण है। ईरान की समाचार एजेंसी के अनुसार गालिबफ ने यह बयान वाशिंगटन के साथ चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता की वर्तमान स्थिति पर अधिकारियों को जानकारी देते हुए दिया।
'F-35 पर हमला कोई संयोग नहीं'
गालिबाफ ने कहा कि F-35 जैसे आधुनिक फाइटर जेट को निशाना बनाना दिखाता है कि ईरान रक्षा तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई कई स्तरों पर योजनाबद्ध थी। हालांकि, ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पहले भी अमेरिका इन दावों को खारिज करता रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह जरूर सामने आया था कि एक अमेरिकी F-35 को मिशन के दौरान नुकसान पहुंचा और उसे इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी।
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ड्रोन हमलों को लेकर भी बड़ा दावा
ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़े लगभग 180 ड्रोन को भी मार गिराया। इससे पहले भी ईरान कई बार बड़ी संख्या में ड्रोन इंटरसेप्ट करने की बात कह चुका है। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में ड्रोन और एयर ऑपरेशन युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं। गालिबाफ ने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन कई बड़े मतभेद अभी भी बाकी हैं। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी देशों का दबाव काम नहीं आया, जिसके बाद अब बातचीत का रास्ता अपनाया जा रहा है।
सीजफायर पर भी अलग नजरिया
ईरानी स्पीकर ने हालिया युद्धविराम को लेकर कहा कि यह ईरान की रणनीतिक जीत का परिणाम है, जबकि अमेरिका ने इसे अलग नजरिए से स्वीकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने उद्देश्यों जैसे शासन परिवर्तन या ईरान की सैन्य क्षमता को खत्म करनामें सफल नहीं हो पाया।