रविवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से मुलाकात करने वाले इस्राइल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू ने संकल्प लिया कि ईरान और विश्व शक्तियों के बीच परमाणु समझौते की बहालीके प्रयास को रोकने के लिए उनके बस में जो है, वो करेंगे। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने सोमवार को इस्राइल के नेवतीम वायुसेना अड्डे पर इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया कि क्या ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर फिर से बातचीत की मेज पर लाने के बाइडन प्रशासन के प्रयास बाधित होंगे।
तेहरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी करने वाली संयुक्त राष्ट्र निकाय आईएईए ने पहले कहा था कि उसे इस बारे में मीडिया में आई खबरों की जानकारी है और उसने ईरान अधिकारियों से इस बारे में बात की है। बहरहाल, बता दें कि नातांज को पहले भी निशाना बनाया गया है। स्टक्सनेट कंप्यूटर वायरस से एक बार नातांज में ईरानी सेंट्रीफ्यूज को नष्ट कर दिया गया था। स्टक्सनेट का पता 2010 में चला था और इसके बारे में माना जाता है कि यह अमेरिका-इस्राइल द्वारा निर्मित था।
नातांज के उन्नत अपकेंद्रण संयंत्र में पिछले साल जुलाई में एक रहस्यमय विस्फोट हुआ था। ईरानी परमाणु संयंत्र पर हमला करने को लेकर ईरान का क्षेत्रीय शत्रु इस्राइल संदेह के घेरे में रहा है। ईरान ने देश के सैन्य परमाणु कार्यक्रम की कई दशक पहले शुरुआत करने वाले वैज्ञानिक की हत्या के लिए इस्राइल को ही दोषी ठहराया था। इस्राइल के कई मीडिया संस्थानों ने रविवार को बताया कि एक साइबर हमला नातांज में विद्युत आपूर्ति बाधित होने का कारण बना।
(इस्रालय का नाताज परमाणु केंद्र। फोटो: पीटीआई)