ईरान की सेना ने मंगलवार को ओमान की खाड़ी के तट पर सैन्य अभ्यास शुरू किया। सरकारी टीवी के मुताबिक, यह उन्हीं अभ्यासों की श्रृंखला का हिस्सा है, जो ईरान की तरफ से अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बढ़ने और वाशिंगटन की तरफ से तेहरान के खिलाफ दबाव बढ़ाने के बीच शुरू किए गए हैं।
टीवी रिपोर्ट के मुताबिक, इस वार्षिक सैन्य अभ्यास में कमांडो यूनिट, हवाई सैनिकों के साथ-साथ लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और सैन्य मालवाहक विमान भी हिस्सेदारी कर रहे हैं। पूरे अभ्यास पर ईरान के नेशनल आर्मी चीफ अब्दुलरहीम मोसावी नजर रख रहे हैं।
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए परमाणु समझौते को लेकर नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन पर दबाव बनाने के प्रयासों के तहत सैन्य अभ्यासों की गति तेज की है। बाइडन कह चुके हैं कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए अमेरिका फिर से इस बहुराष्ट्रीय समझौते में शामिल हो सकता है।
शनिवार को ईरान की अर्द्धसैनिक इकाई रेवॉल्यूशनरी गार्ड ने सैन्य अभ्यास का संचालन किया था। रेवॉल्यूशनरी गार्ड ने इस दौरान करीब 1800 किलोमीटर दूर हिंद महासागर में मौजूद एक नकली लक्ष्य पर युद्धपोत निरोधी बैलेस्टिक मिसाइलें दागी थीं।
इससे एक दिन पहले रेवॉल्यूशनरी गार्ड की हवाई इकाई ने सतह से सतह पर मार करने वाली बैलेस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से देश के सुदूर मध्य रेगिस्तानी क्षेत्र में मौजूद दुश्मन के काल्पनिक ठिकाने ध्वस्त करने का अभ्यास किया था।