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Air Strike: सुबह दोनों देशों के नेता मिले, शाम को पाकिस्तान पर हुई एयर स्ट्राइक; ईरान ने क्यों की यह कार्रवाई?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Wed, 17 Jan 2024 07:22 PM IST

सार

Iran Air Strike: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मंगलवार को पाकिस्तान में जैश अल-अदल के ठिकानों पर बमबारी की। मिसाइल और ड्रोन हमले में जैश अल-अदल के दो मुख्यालय तबाह हो गए। बता दें कि इसकी स्थापना 2012 में जुंदाल्लाह संगठन के लोगों ने की थी।
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पाकिस्तान में ईरान का हमला (सांकेतिक) - फोटो : Amar Ujala
ईरान ने पाकिस्तान में घुसकर हमला किया है। मंगलवार को ईरानी सेना ने पाकिस्तान में बलोच उग्रवादी संगठन जैश अल-अदल के ठिकानों को निशाना बनाया। जानकारी के अनुसार, ईरान की एयरस्ट्राइक में दो बच्चों की मौत हो गई है। हमले के बाद पाकिस्तान ने ईरान को धमकी दी है। उधर बुधवार को चीन समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा है।



आइये जानते हैं ईरान ने पाकिस्तान में कहां हमला किया है? यह कार्रवाई क्यों की गई है? जैश अल-अदल क्या है? पाकिस्तान ने क्या प्रतिक्रिया दी है? 

 
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पाकिस्तान में ईरान का हमला (सांकेतिक) - फोटो : Amar Ujala
ईरान ने पाकिस्तान में घुसकर हमला किया है। मंगलवार को ईरानी सेना ने पाकिस्तान में बलोच उग्रवादी संगठन जैश अल-अदल के ठिकानों को निशाना बनाया। जानकारी के अनुसार, ईरान की एयरस्ट्राइक में दो बच्चों की मौत हो गई है। हमले के बाद पाकिस्तान ने ईरान को धमकी दी है। उधर बुधवार को चीन समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा है।



आइये जानते हैं ईरान ने पाकिस्तान में कहां हमला किया है? यह कार्रवाई क्यों की गई है? जैश अल-अदल क्या है? पाकिस्तान ने क्या प्रतिक्रिया दी है? 
 

पाकिस्तान में ईरान का हमला (सांकेतिक) - फोटो : Amar Ujala
ईरान ने पाकिस्तान में कहां हमला किया है?
ईरान ने मंगलवार को पाकिस्तान में आतंकी संगठन जैश अल-अदल के ठिकानों पर बमबारी की। यह हमला पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के उस क्षेत्र में किया गया, जहां जैश अल-अदल का सबसे बड़ा मुख्यालय था। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ब्लूचिस्तान प्रांत के एक गांव में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें जैश अल-अदल के दो प्रमुख मुख्यालय तबाह हो गए। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हमले में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई और तीन लड़कियां घायल हो गईं।

पाकिस्तान में ईरान का हमला (सांकेतिक) - फोटो : Amar Ujala
यह कार्रवाई क्यों की गई है? 
दरअसल, ईरान और पाकिस्तान एक दूसरे के पड़ोसी देश हैं। हालांकि, सीमावर्ती क्षेत्र में ईरान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। दोनों देश अक्सर सीमावर्ती क्षेत्र में बलूची अलगाववादियों और अन्य आतंकवादी समूहों की गतिविधियों के कारण आमने-सामने होते रहे हैं। ताजा हमले में ईरान ने जैश अल-अदल के ठिकानों को निशाना बनाया है। 

ईरान ने पाकिस्तान में क्यों हमला किया, इसको ईरान की हालिया कार्रवाइयों से समझा जा सकता है। पाकिस्तान में हमले से महज कुछ ही घंटे पहले ईरान ने सीरिया और इराक में भी मिसाइल हमले किए थे। ईरान की ये कार्रवाई 3 जनवरी को करमन शहर में दोहरे आत्मघाती बम विस्फोट के बाद हुई है, जिसमें 80 से अधिक ईरानी नागरिकों की मौत हो गई थी। करमन शहर में हुए हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली थी। हालांकि, ईरान ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या इस हमले में जैश अल-अदल भी शामिल था।

आतंकवादी (सांकेतिक) - फोटो : प्रयागराज
जैश अल-अदल संगठन क्या है?
इस संगठन की स्थापना साल 2012 में हुई थी। जैश अल-अदल संगठन ईरान के दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिस्तान-बलूचिस्तान में स्थित है। संगठन को जुंदाल्लाह नाम के संगठन ने बनाया था। दरअसल, जुंदाल्लाह एक आतंकवादी संगठन है जिसके नेता अब्दोलमलेक रिगी को ईरान ने 2012 में फांसी दे दी थी इसके बाद यह समूह कमजोर पड़ गया। 

संगठन से जुड़े लोगों का दावा है कि यह एक समूह  सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता और बलूच लोगों के लिए अधिक अधिकारों के लिए लड़ रहा है। सलाउद्दीन फारूकी जैश उल-अदल का वर्तमान प्रमुख है। फारूकी के भाई अमीर नरौई की अफगानिस्तान में तालिबान ने हत्या कर दी थी। कहा जाता है कि जैश अल-अदल ईरान में कुर्द अलगाववादी समूहों का साथ देता रहा है। संगठन का अंसार अल-फुरकान के साथ भी संबंध है जो ईरान में सक्रिय एक अन्य ईरानी बलूच सशस्त्र समूह है। 

पिछले कुछ वर्षों में जैश अल-अदल ने ईरानी सुरक्षा बलों पर कई हमले किए हैं। इसने पहला बड़ा हमला अक्तूबर 2013 में किया था। पिछले दिसंबर में जैश अल-अदल ने सिस्तान-बलूचिस्तान में एक पुलिस चौकी पर हमले की जिम्मेदारी ली, जिसमें 11 पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी। जैश उल-अदल ईरान, जापान, न्यूजीलैंड और अमेरिका द्वारा नामित आतंकवादी संगठन है।

ईरान की कार्रवाई पर पाकिस्तान की चेतावनी। - फोटो : Social Media
हमले के बाद पाकिस्तान ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
पाकिस्तान में यह हमला मंगलवार के दिन हुआ, जिस दिन दोनों देशों के नेताओं के बीच बैठक हुई थी। ईरानी विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन ने मंगलवार को ही  स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर-उल-हक काकर से मुलाकात की थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक में दोनों नेताओं में क्या चर्चा हुई।

अब ईरानी हमले के बाद पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी है और कार्रवाई को अपने हवाई क्षेत्र में अकारण उल्लंघन करार दिया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'पाकिस्तान की संप्रभुता का यह उल्लंघन पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।' बयान में आगे कहा गया कि यह और भी चिंताजनक है कि पाकिस्तान और ईरान के बीच कई संचार होने के बावजूद यह गैरकानूनी कृत्य हुआ है। 

मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने तेहरान में ईरानी विदेश मंत्रालय के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है। इसके अलावा, पाकिस्तान की संप्रभुता के इस घोर उल्लंघन की कड़ी निंदा करने के लिए ईरानी प्रभारी डी'एफेयर को विदेश मंत्रालय में तलब किया गया है। 

ईरान सरकार की चेतावनी (फाइल) - फोटो : amar ujala
हमले पर ईरान का क्या कहना है?
बुधवार को कैबिनेट सत्र के दौरान ईरान के रक्षा मंत्री मोहम्मद रजा घराई अष्टियानी ने क्षेत्र में आतंकियों के खिलाफ आईआरजीसी द्वारा किए गए हालिया मिसाइल हमलों के बारे में जानकारी दी। अष्टियानी ने कहा कि ईरान देश के लिए खतरा पैदा करने वाले किसी भी स्थान से निर्णायक रूप से जवाब देने के लिए तैयार है।

अष्टियानी ने यह भी कहा कि लोगों के अधिकारों के किसी भी उल्लंघन और ईरानियों के खिलाफ आतंकी कार्रवाई पर देश की प्रतिक्रिया निर्णायक और सख्त होगी।
 
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