सिंगापुर के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में सोमवार को इस्राइल-हमास युद्ध को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन का मामला जोर पकड़ रहा है। विवि में येरुशलम के हिब्रू विवि के साथ एक शोध गठबंधन का छात्रों ने विरोध किया। विवि परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन पर सिंगापुर ने छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं सिंगापुर सरकार ने एक बार फिर फलस्तीनियों की मदद का एलान किया है।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विवि में क्रिएट रिसर्च बिल्डिंग के सामने छात्रों ने 100 जोड़ी जूते और सफेद कफन रखकर विरोध किया। छात्रों ने इस्राइल हमास युद्ध में जान गंवाने वाले फलस्तीन छात्रों के प्रति शोक व्यक्त किया। स्टूडेंट्स फॉर फलस्तीन सिंगापुर के नेतृत्व में इस हुए प्रदर्शन में छात्रों ने सिंगापुर से इस्राइल के साथ शैक्षिणिक, आर्थिक और राजनीतिक संबंध समाप्त करने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बताया कि उन्होंने क्रिएट रिसर्च बिल्डिंग को इसलिए चुना क्योंकि इसमें येरुशलम के हिब्रू विश्वविद्यालय के साथ अनुसंधान गठबंधन है। यह गठबंधन गाजा में नरसंहार का मुखर और वित्तीय रूप से समर्थन करता है। छात्रों ने सिंगापुर के विश्वविद्यालयों से इस्राइली विवि के साथ सहयोग समाप्त करने का आह्वान किया।
इसके अलाव छात्र संगठन ने विवि से इस्राइली सेना से जुड़ी कंपनियों के साथ सभी वित्तीय निवेशों से अलग होने तथा छात्र कार्यकर्ताओं पर पुलिस निगरानी और धमकी बंद करने का भी आग्रह किया।
बिना अनुमति सभा करने के नियम का पालन नहीं हुआ: पुलिस
विरोध प्रदर्शन करने पर पुलिस ने छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने कहा कि सिंगापुर में सार्वजनिक सभाएं सार्वजनिक व्यवस्था अधिनियम 2009 के तहत होती हैं। यहां पुलिस की अनुमति के बिना सार्वजनिक सभा का आयोजन करना या उसमें भाग लेना अपराध माना जाता है। पुलिस ऐसी सभाओं को अनुमति नहीं देगी जो दूसरे देशों या विदेशी संस्थाओं के राजनीतिक कारणों की वकालत करती हों या जिनमें भावनाओं को भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की क्षमता हो। विवि के प्रवक्ता ने कहा कि यह हमारे कैंपस की संपत्ति पर एक अनाधिकृत कृत्य है और रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
फलस्तीनियों को सहायता दे रहा सिंगापुर
पिछले एक साल में सिंगापुर ने फलस्तीनियों को छह किश्तों में 13.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की मानवीय सहायता दी है। सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने गुरुवार को कहा कि विदेश मामलों के दूसरे मंत्री मोहम्मद मलिकी ओस्मान एक चैरिटी संगठन को चेक प्रदान करने के लिए जॉर्डन का दौरा करेंगे। सिंगापुर फलस्तीनियों को अधिक मानवीय सहायता देगा।
मंत्री बालाकृष्णन ने कहा कि यह याद रखना जरूरी है कि दुनिया के कुछ हिस्सों में लोगों को मदद की सख्त जरूरत है। हम फलस्तीनियों को समर्थन देना जारी रखेंगे। सिंगापुर फलस्तीनी प्राधिकरण के साथ मिलकर करता रहेगा। सिंगापुर दो-राज्य समाधान का समर्थन करता है और इसकी आशा करता है। उन्होंने कहा कि यही एक तरीका है जिससे हम व्यापक, न्यायपूर्ण और टिकाऊ शांति स्थापित कर सकेंगे।
डॉ. बालकृष्णन ने गाजा में युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई के लिए हाल ही में हुए समझौते का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से हिंसा की समाप्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है जिसने एक वर्ष से अधिक समय से इस क्षेत्र को तबाह कर रखा है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 महीनों में लोगों ने बहुत कष्ट झेला है। बहुत अधिक मौतें और विनाश हुआ है। इसलिए कम से कम अब इस बहुत लंबी और कष्टदायक जंग के अंत में आशा और प्रकाश की एक किरण दिखाई दे रही है।