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Explainer: दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान का सबसे आलीशान विमान, डोनाल्ड ट्रंप के नए एयर फोर्स वन में क्या खास?

Sat, 20 Jun 2026 06:24 PM IST
रिया दुबे स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर से मिले बोइंग-8आई को अमेरिका के नए एयर फोर्स वन के रूप में पेश किया है। ट्रंप का कहना है कि यह विमान अमेरिका की वैश्विक ताकत और प्रतिष्ठा को बेहतर ढंग से प्रदर्शित करेगा। इस विमान की ट्रंप ने व्हाइट हाउस से तुलना की है। आइए जानते हैं विमान से जुड़ी खास बातें। 
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एयर फोर्स वन क्यों है खास? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपतियों के लिए इस्तेमाल होने वाले नए एयर फोर्स वन विमान का अनावरण किया। यह विमान पहले कतर के शाही परिवार के पास था और बाद में कतर ने इसे अमेरिका को उपहार के रूप में दिया। अब इसे राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने विमान का प्रदर्शन करते हुए कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी का धन्यवाद किया और इसे दुनिया का सबसे शानदार विमान बताया। ट्रंप ने कहा कि यह विमान अमेरिका को वैश्विक मंच पर बेहतर तरीके से प्रस्तुत करेगा और अन्य देशों के नेताओं के विमानों की तुलना में अधिक प्रभावशाली होगा। उन्होंने दावा किया कि विमान को 'उड़ता हुआ व्हाइट हाउस' बनाने के लिए तैयार किया गया है। ट्रंप के मुताबिक, इसके अंदर इस्तेमाल की गई लकड़ी, सामग्री और इंजन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्तर के हैं।

आइये जानते हैं इस नए एयर फोर्स वन में क्या खास है? आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति को नए विमान की जरूरत क्यों पड़ी? विमान के लिए कैसे तैयारियां की गईं? ट्रंप के पास यह विमान कैसे पहुंचा? क्या एयर फोर्स वन में शामिल पुराने विमान अब रिटायर हो जाएंगे? नए विमान में क्या-क्या सुविधाएं हैं? अमेरिकी वायुसेना ने इस पर क्या कहा है? ट्रंप की आगे की योजना क्या है?

नए एयर फोर्स वन में क्या है खास?

सीएनबीसी के अनुसार, नए विमान की सबसे बड़ी पहचान इसका बदला हुआ रंग है। दशकों से एयर फोर्स वन की पहचान रहे हल्के नीले रंग की जगह अब विमान को गहरे नीले, लाल और सफेद रंग में रंगा गया है। विमान के एक हिस्से पर राष्ट्रपति की मुहर और पीछे की पूंछ पर विशाल अमेरिकी झंडा लगाया गया है।
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रिपोर्ट मुताबिक, यह 'बोइंग 747-8 आई विमान' राष्ट्रपति के मौजूदा विमानों से लगभग 18 फीट लंबा है। इसके पंखों का फैलाव करीब 30 फीट अधिक है और केबिन भी ज्यादा चौड़ा है। इसी वजह से इसे पैलेस इन स्काई यानी आसमान का महल कहा जा रहा है। इस विमान को औपचारिक रूप से वीसी-25बी ब्रिज विमान के नाम से जाना जाता है।



इस विमान के पंखों में मिरर-बॉल डिफेंस सिस्टम है, जो इन्फ्रारेड गाइडेंस सिस्टम को चकमा दे सकता है। तेज रफ्तार पंख के नए डिजाइन से इसकी गति तेज हुई है। यह 1050 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है।

करीब 3500 करोड़ से ज्यादा खर्च का अनुमान: इस विमान को अमेरिकी राष्ट्रपति के सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार करने पर 40 करोड़ डॉलर (तकरीबन 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा) खर्च हुआ है। इसमें इसीएम डिफेंस सिस्टम लगाया जाएगा जो दुश्मन के रडार को जाम करता है और मिसाइलों को चकमा दे सकता है।

मेगा किचन से लेकर जिम तक की सुविधा: अमेरिकी राष्ट्रपति के इस नए एयरफोर्स वन में उनकी सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा गया है। इस नए विमान में अत्याधुनिक डाइनिंग रूम और किचन हैं, जिसमें एक बार में 2,000 लोगों को खाने का इंतजाम किया जा सकता है। इसके साथ ही इसमें राष्ट्रपति के लिए एक सुइट है, जिसमें ड्रेसिंग रूम, शौचालय और जिम की सुविधा है।

ट्रंप ने क्या कहा?

एंड्रयूज एयरफोर्स बेस के हैंगर में मौजूद वायुसेना कर्मियों के सामने ट्रंप ने विमान की कारीगरी की सराहना की और कहा कि इसे देखकर लोग हैरान रह जाएंगे। विमान से उतरने के बाद उन्होंने इसे औपचारिक रूप से प्रदर्शित किया, इस दौरान 'गॉड ब्लेस द यूएसए' गीत भी बजाया गया।
 

आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति को नए विमान की जरूरत क्यों पड़ी?

अमेरिकी राष्ट्रपति फिलहाल दो वीसी-25ए विमानों का इस्तेमाल करते हैं। ये मॉडल बोइंग 747-200बी विमान हैं, जो 1990 के दशक की शुरुआत से सेवा में हैं। पुराने होने की वजह से इनकी मरम्मत और रखरखाव में अधिक समय लगने लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने भी पुराने विमानों की स्थिति को लेकर कई बार नाराजगी जताई है। उन्होंने बोइंग पर राष्ट्रपति के लिए नए विमानों की डिलीवरी में देरी का आरोप लगाया है।

इसी समस्या को देखते हुए अमेरिकी वायुसेना ने ब्रिज प्रोग्राम शुरू किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रपति के लिए नए स्थायी विमान आने तक हमेशा उड़ान भरने के लिए एक सुरक्षित और विश्वसनीय विमान उपलब्ध रहे। रिपोर्ट के अनुसार, कतर से मिला यह विमान फिलहाल एक अस्थायी राष्ट्रपति विमान (ब्रिज एयरक्राफ्ट) के रूप में काम करेगा। इसका इस्तेमाल तब तक किया जाएगा, जब तक नए एयर फोर्स विमान तैयार होकर सेवा में नहीं आ जाते। इन नए विमानों के 2028 तक आने की उम्मीद है।

ट्रंप के पास कैसे पहुंचा यह विमान?

यह बोइंग 747-8 विमान मूल रूप से कतर के शासक परिवार हाउज ऑफ थानी के लिए बोइंग बिजनेस जेट के रूप में बनाया गया था। बाद में कतर के शासक ने इसे अमेरिका को उपहार में दे दिया। ट्रंप का मानना था कि अन्य देशों के नेता नए और बड़े विमानों में यात्रा कर रहे हैं, जबकि अमेरिका अब भी 35 साल पुराने विमानों पर निर्भर है। इसी वजह से कतर के शाही परिवार के इस विमान को राष्ट्रपति के उपयोग के लिए हासिल किया गया। चूंकि यह विमान एक आधिकारिक उपहार के रूप में मिला था, इसलिए इसकी करीब 40 करोड़ डॉलर मूल्य की वीवीआईपी संरचना अमेरिकी सरकार को सौंप दी गई। हालांकि, इस फैसले ने विदेशी उपहारों से जुड़े सांविधानिक नियमों को लेकर बहस भी छेड़ दी है।

क्यों मचा है विवाद?

ट्रंप द्वारा इस विमान को स्वीकार करने के फैसले की अमेरिका में आलोचना हुई है। कुछ रिपब्लिकन नेताओं, मीडिया समूहों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने सवाल उठाया कि किसी विदेशी सरकार से मिला विमान राष्ट्रपति के उपयोग के लिए कितना सुरक्षित हो सकता है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि विमान को राष्ट्रपति के परिवहन के लिए तैयार करने से पहले व्यापक निरीक्षण, तकनीकी जांच और बड़े पैमाने पर बदलावों की आवश्यकता होती है। हालांकि ट्रंप ने इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि इस उपहार को ठुकराना मूर्खता होती। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका को एक अत्याधुनिक विमान मुफ्त में मिल रहा है और इससे पुराने बेड़े पर दबाव कम होगा।

अमेरिकी वायुसेना ने क्या कहा?

अमेरिकी वायुसेना ने 19 जून को जारी आधिकारिक बयान में घोषणा की कि वीसी-25बी ब्रिज एयरक्राफ्ट्स अब प्रेसिडेंशियल एयरलिफ्ट ग्रुप के पास पहुंच चुका है और उसकी प्रारंभिक उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। इन उड़ानों की सफलता के बाद इसे राष्ट्रपति के बेड़े के लिए सौंपा जाएगा।

वायुसेना के अनुसार, कमीशनिंग उड़ानें विमान की अंतिम परीक्षा की तरह होती हैं। इनके दौरान यह जांचा जाता है कि विमान राष्ट्रपति की तीनों सांविधानिक भूमिकाओं- मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सेनाध्यक्ष और राष्ट्राध्यक्ष से जुड़ी सभी जरूरतों को पूरा कर सकता है या नहीं।

अमेरिकी वायुसेना के सचिव ट्रॉय मिंक ने कहा कि राष्ट्रपति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और विमान को तेज गति से तैयार करने के बावजूद सुरक्षा, गुणवत्ता और विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं किया गया। वायुसेना प्रमुख जनरल केन विल्सबैक ने कहा कि कई लोगों को लगता था कि इतनी जल्दी यह परियोजना पूरी नहीं हो पाएगी, लेकिन वायुसेना ने निर्धारित समय में एक सुरक्षित और विश्वसनीय एयरबोर्न कमांड पोस्ट उपलब्ध करा दिया।

विमान में क्या-क्या सुविधाएं हैं?

  • अमेरिकी वायुसेना के अनुसार विमान को सुरक्षित संचार प्रणालियों और राष्ट्रपति मिशन के लिए जरूरी अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। 
  • सुरक्षा, सुरक्षित कम्युनिकेशन और मिशन क्षमता को पहली प्राथमिकता दी गई है। ट्रंप ने खुलासा किया कि विमान में स्पेसएक्स की स्टारलिंक इंटरनेट सेवा भी लगाई गई है। 
  • वायुसेना ने यह भी बताया कि विमान को सेवा में लाने से पहले विशेषज्ञों की एक अंतर-एजेंसी टीम ने संभावित तकनीकी खतरों की पहचान और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए विशेष प्रोटोकॉल विकसित किए।

 
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विमान के लिए कैसे हुई तैयारी?

अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक, प्रशिक्षण कार्यक्रम पिछले वर्ष ही शुरू कर दिया गया था। पायलटों और तकनीकी कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए एटलस एयर के 747-8एफ विमान को लीज पर लिया गया, जबकि लुफ्थांसा के 747-8आई विमान को स्थायी प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म के रूप में खरीदा गया। जनवरी 2026 में विमान के इंटीरियर का पूरा आकार का थ्री-डी मॉडल भी तैयार किया गया, ताकि व्हाइट हाउस और वायुसेना के कर्मचारी पहले से प्रशिक्षण हासिल कर सकें।

क्या पुराने एयर फोर्स अब रिटायर हो जाएंगे?

न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को दिए बयान में अमेरिकी वायुसेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा वीसी-25ए विमान अभी रिटायर नहीं होंगे। वे नए ब्रिज एयरक्राफ्ट के साथ बेड़े में बने रहेंगे और जब तक स्थायी वीसी-25बी विमान सेवा में नहीं आ जाते, तब तक दोनों तरह के विमान राष्ट्रपति मिशनों के लिए उपलब्ध रहेंगे। प्रवक्ता के अनुसार, प्रत्येक मिशन के लिए कौन सा विमान इस्तेमाल होगा, इसका निर्णय परिचालन जरूरतों के आधार पर किया जाएगा।

ट्रंप की आगे की योजना क्या है? 

यह विमान अगले महीने तुर्किये में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन और नवंबर में चीन में होने वाले एपीईसी सम्मेलन की यात्रा में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 4 जुलाई को अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान यह विमान व्हाइट हाउस के ऊपर होने वाले फ्लाईपास्ट का नेतृत्व करेगा।
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