मंगल ग्रह पर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा रोवर पर्सेवरेन्स के साथ उतारा गया छोटा हेलिकॉप्टर इंजेन्यूटी करीब 625 मी दूरी की उड़ान भरने जा रहा है। यह इंजेन्यूटी की 9 वीं उड़ान होगी।
खतरों भरी होगी यात्रा
नासा के अनुसार इस उड़ान में इंजेन्यूटी एक ज्यादा खतरनाक क्षेत्र में उतर सकता है। साथ ही उसके टेलीकॉम सिस्टम को भी रोवर से काफी दूर रहना होगा , वैसे यह करीब कुछ सौ मीटर दूरी तक काम करने के लिए बना है। इन वजहों से उड़ान को खतरों भरा माना जा रहा है।
रिस्क
इन खतरों के बावजूद नासा जोखिम उठा रहा है क्योंकि इंजेन्यूटी ने अब तक अपने काम मजबूती से किए हैं। नासा मानता है कि ज्यादा जोखिम लेने पर ज्यादा अच्छे परिणाम व लक्ष्य हासिल किए जा सकेंगे। अगर वह सफल रहा तो मंगल सहित अन्य ग्रहों के अध्ययन में हवाई उपकरणों की उपयोगिता भी बढ़ जाएगी।