पाकिस्तान में इन दिनों राजनीतिक खींचतान जारी है। इस बीच एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ चर्चाओं में आ गए हैं। पाकिस्तान के कार्यवाहक सूचना मंत्री मुर्तजा सोलंगी ने कहा कि नवाज शरीफ जेल से भागने के बाद लंदन नहीं गए और अगले महीने उनकी वापसी पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, सोलंगी ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नवाज शरीफ पाकिस्तान की सबसे बड़ी पार्टी के नेता हैं। वह तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं। नवाज जेल से भागने के बाद नहीं बल्कि, अदालत और पूर्व सरकार की अनुमति से विदेश गए थे। हालांकि, सोलंगी का कहना है कि वह नहीं बता सकते कि नवाज सुरक्षात्मक जमानत हासिल करेंगे या फिर अदालत जाएंगे। यह तो नवाज खुद या कानून तय करेगा।
पाकिस्तान की पूर्व सरकार पर साधा निशाना
हाल में ही शरीफ ने कहा था कि उनका देश दुनिया से पैसे की भीख मांग रहा है, जबकि भारत चांद पर पहुंच गया है और जी-20 सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। देश की अर्थव्यवस्था पिछले कई वर्षों से एक फ्री फॉल मोड में है, जिससे गरीब जनता पर अनियंत्रित दो अंकों की मुद्रास्फीति के रूप में अनकहा दबाव आ रहा है। शरीफ ने सोमवार शाम को वीडियो लिंक के जरिए लंदन से लाहौर में पार्टी की एक बैठक को संबोधित करते हुए सवाल किया, 'आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री एक देश में जाकर पैसे की भीख मांगते हैं जबकि भारत चांद पर पहुंच चुका है और जी-20 की बैठकें कर रहा है। पाकिस्तान वह उपलब्धि क्यों हासिल नहीं कर सका जो भारत ने हासिल की। यहां इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
इस मामले में आरोपी हैं नवाज
नवंबर 2019 में अल अजीजिया मिल्स भ्रष्टाचार मामले में सात साल की जेल की सजा काट रहे शरीफ को तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने चिकित्सा आधार पर देश छोड़ने में मदद की थी। पीएमएल-एन का कहना है कि वह अगले महीने उनके लाहौर पहुंचने से पहले उनके लिए एहतियातन जमानत हासिल कर लेगी। उनकी पार्टी ने उनकी वापसी पर ऐतिहासिक स्वागत की योजना बनाई है।