इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने उस वोट को स्थगित कर दिया है जो विवाहेतर संबंध को अपराध की श्रेणी में ले आएगा। उन्होंने यह निर्णय पूरी दुनिया में मानवाधिकार समूहों द्वारा इसका विरोध कर ने के बाद लिया।
यह वोट एक नई दंड संहिता पर होता, जिसे सरकार ने पिछले सप्ताह सहमति दे दी थी। इसे कानून बनाने की प्रक्रिया मंगलवार को होनी थी, कानून निर्माताओं ने इस वोट को मात्र औपचारिकता बताया था। यह कानून समलिंगी संबंधों और राष्ट्रपति का अपमान करने को भी अपराध के दायरे में ले आता।
राष्ट्रपति विवोडो ने शुक्रवार को एक संबोधन में कहा था कि विभिन्न दलों से इस क्रिमिनल कोड के कुछ विशिष्ट हिस्सों से आपत्ति जताई थी, इसे गंभीरता से देखते हुए उन्होंने वोट को स्थगित करने का फैसला लिया।
उन्होंने कहा, 'इसमें कुछ हिस्से ऐसे हैं जिनका गहराई से अध्ययन करना जरूरी है। इसलिए, मैंने कानून और मानवाधिकार मंत्री से संसद के सामने अपना पक्ष रखने का आदेश दिया। मैंने मंत्री को यह आदेश भी दिया कि क्रिमिनल कोड को बेहतर बनाने के लिए जनता से भी राय लें।'
इस क्रिमिनल कोड की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है। मानवाधिकार समूहों ने इस कोड के मसौदे को न केवल महिलाओं और धर्म को मानने वालों के लिए सभी इंडोनेशियावासियों के लिए खतरा बताया है।
नए क्रिमिनल कोड का निर्माण कई दशकों से चल रहा था। करीब 100 साल पुराने डच औपनिवेशिक समय की दंड संहिता को बदलने के लिए साल 2015 में इसे दोबारा सामने लाया गया था।
इसके मसौदे में, पुलिस को अगर सूचना मिलती है कि कोई अविवाहित जोड़ा एक साथ रह रहा है, तो उन्हें छह महीने कैद की सजा दी जा सकती है। अश्लील हरकतों के लिए छह महीने की सजा दी जा सकती है। किसी महिला का गर्भपात कराने में सहायता करने वाले को पांच साल की सजा सुनाई जा सकती है।
उम्मीद की जा रही थी कि कोड मंगलवार को एक संसदीय पूर्ण सत्र में जाएगा, और अनुसमर्थित होने के दो साल बाद लागू होगा।