इंडोनेशिया को हाल ही में भूंकप और सुनामी का दंश झेलना पड़ा है। सुलावेसी प्रांत में आए भूकंप के बाद उठी पानी की ऊंची लहरों में 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। इन्हीं प्राकृतिक आपदाओं का फायदा उठाकर तीन जेलों से कम से कम 1400 कैदी फरार हो गए हैं। न्याय मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, 'पालू शहर में आई सुनामी के कारण एक जेल क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसकी वजह से 581 कैदी भाग गए।'
जानकारी के अनुसार जेल के अंदर केवल 120 लोगों को रखने का इंतजाम था लेकिन यहां क्षमता से 5 गुना ज्यादा कैदी रखे हुए थे। न्याय मंत्रालय की अफसर पुगुह उतमी ने कहा, भूकंप आने के थोड़ी देर हालात काबू में आ गए थे। लेकिन जेल के अंदर
पानी घुसते ही कैदी डरने लगे। जिसके बाद वह पुलिसकर्मियों को चकमा देकर सड़क पर भागने लगे। पानी की बजाए भूकंप से इमारतों के गिरने से कैदी ज्यादा डर रहे थे।
पालू स्थित एक दूसरी जेल में कैदी भूकंप के बाद मुख्य दरवाजे को तोड़कर भाग निकले। सुनामी प्रभावित दोंगला स्थित एक जेल से 343 कैदी फरार हो गए। केवल इतना ही नहीं कैदियों ने यहां आगजनी भी की।
जब दोंगला क्षेत्र में
भूंकप आया तो कैदियों ने डर के मारे जेल तोड़ दी। अधिकारियों ने उन्हें आगजनी करने से रोकने की कोशिश की लेकिन वह इसमें असफल रहे। उतमी ने बताया कि फरार हुए ज्यादातर कैदी भ्रष्टाचार और नशे के जुर्म में सजा काट रहे थे।
पालू की दोनों जेलों में अब केवल 100 कैदी बचे हुए हैं। सुविधाओं की कमी के कारण गार्डों को उनकी जरूरतें पूरी करने में मुश्किलें आ रही हैं। उतमी ने बताया कि कई जेलों में खाने की कमी है। यहां तक कि कुछ अधिकारी अपने पैसों से खाना खरीदकर खा रहे हैं।