भारत और अमेरिका के रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए बुधवार को शक्तिशाली संसदीय समिति ने एक बिल पर मुहर लगा दी। संसदीय समिति से पास होने के बाद अब इस बिल को अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में पेश किया जाएगा।
साल 2016 में भारत को प्रमुख रक्षा साझीदार का दर्जा देने के बाद अब इस बिल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को और आगे बढ़ाना है। बिल में दोनों देशों के बीच रक्षा साझीदारी के विकास व क्रियान्वयन के लिहाज से वरिष्ठ सैन्य और असैन्य अधिकारियों के बीच वार्ता और आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की बात की गई है।
बिल में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की पैरवी भी की गई है। राष्ट्रीय रक्षा अधिकार अधिनियम (एनडीएए) में संशोधन करने संबंधी इस बिल को डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद और सदन की विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ सदस्य ब्रैड शेरमैन ने आगे बढ़ाया है।
बिल को आगे बढ़ाने वालों में भारतवंशी सांसद एमी बेरा और राजा कृष्णमूर्ति भी शामिल हैं। इसके साथ ही बिल में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि सरकार फारस की खाड़ी, हिंद महासागर और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रों में भारत के साथ अतिरिक्त संयुक्त सैन्य अभ्यास करे।