फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indo-Russian Relations: भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना रूस, सऊदी अरब को छोड़ा पीछे

Mon, 13 Jun 2022 09:59 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते मई में रूस, सऊदी अरब को पीछे करते हुए भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया। बता दें कि अभी भी इराक इस मामले में नंहर एक पर बना हुआ है। 
विज्ञापन
रूस के राष्ट्रपति पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने को लेकर उसे अमेरिका सहित अन्य पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए तमाम तरह के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद इराक के बाद अब रूस भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश बन गया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते मई में रूस, सऊदी अरब को पीछे करते हुए भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया। बता दें कि अभी भी इराक इस मामले में नंहर एक पर बना हुआ है। 

विज्ञापन


मई में 819,000 बैरल प्रति दिन हुई रूसी तेल की आपूर्ति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मई महीने में भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को लगभग 819,000 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) रूसी तेल प्राप्त हुआ, जो किसी भी महीने में अब तक का सर्वाधिक रिकार्ड है। वहीं, अप्रैल में रूसी तेल की आपूर्ति लगभग 277,00 बैरल प्रति दिन थी।

पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है रूस
यह रिकार्ड ऐसे समय में बना है रूस, यूक्रेन पर हमले के कारण पश्चिमी मुल्कों की ओर से लगाए गए कठोर प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। अमेरिका समेत अन्य पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण रूस को तेल की कीमतों में रियायत तक देनी पड़ी है। यूक्रेन संघर्ष के कारण दुनिया के अधिकांश देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं। कई देशों ने उससे तेल और गैस लेना भी बंद कर दिया है। ऐसे में भारत ने रूस से सस्ता तेल खरीदने का फैसला लिया था। तमाम प्रतिबंधों के बावजूद रूस अपना तेल बेचने में पूरी तरफ सफल रहा है।
विज्ञापन


भारत-रूस के संबंधों को लेकर भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव का कहना है कि राष्ट्रपति पुतिन भारत के साथ सम्मानजनक संबंधों को बेहद तरजीह देते है। इतना ही नहीं, विश्व के अन्य मुख्य मुद्दों पर भी दोनों देशों की सोंच काफी हद तक मिलती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें